जबलपुर में 25 साल की विवाहिता की दूसरी मंजिल से गिरकर मौत हो गई, ससुरालवालों पर हत्या का आरोप

  जबलपुर

जबलपुर में 25 वर्षीय युवती की संदिग्ध परिस्थिति में मौत हो गई। परिजनों ने आरोप लगाया है कि उसे सेकेंड फ्लोर से नीचे फेंका गया है, जिसके चलते उसकी मौत हो गई। मृतिका का नाम अनमोल आहूजा है, जो कि रायपुर भाटापारा की रहने वाली है, तीन साल पहले जबलपुर निवासी विपुल आहूजा से उसका विवाह हुआ था, दोनों की डेढ़ साल की बच्ची है। मृतिका के परिवार वालों का आरोप है कि दहेज के कारण ससुराल वालों ने उसकी जान ले ली। इधर घटना की जानकारी मिलते ही निजी अस्पताल पहुंची गढ़ा थाना पुलिस ने परिजनों की शिकायत पर जांच शुरू कर दी है।

 दिया दहेज-फिर भी मारपीट

मृतिका अनमोल खत्री (शादी के बाद आहूजा) के पिता मुरली खत्री ने बताया कि तीन साल पहले बेटी का विवाह विपुल के साथ हुआ था। धूमधाम से शादी की और हैसियत से बढ़कर दहेज दिया। शादी के कुछ माह तो ठीक से बीते, पर उसके बाद से मारपीट करना शुरू कर दिया गया। दो बार अनमोल का हाथ तोड़ दिया गया, इसके बाद भी वह चुप रही। गुरूवार रात करीब 12 बजे अनमोल ने रायपुर में पिता को फोन करते हुए बताया कि उसके साथ मारपीट कर रहा है, तुरंत जबलपुर आ जाओ। पिता ने सुबह तक जबलपुर आने की बात बेटी से कही। रात डेढ़ बजे चाचा ससुर फोन करते है कि अनमोल छत से गिर गई है, अस्पताल में भर्ती है। मृतिका के पिता का कहना है कि उसके पूरे शरीर में गंभीर चोट है, वह आत्महत्या नहीं कर सकती, क्योंकि उसकी डेढ़ साल की बच्ची है। उसे दूसरी मंजिल से नीचे फेंका और फिर गंभीर हालत में अस्पताल में छोड़कर भाग गए।

अनमोल अस्पताल में अकेली-ससुराल वाले गायब

रायपुर छत्तीसगढ़ से जबलपुर आए परिजनों ने बताया कि आज जैसे ही यहां आए तो पता चला कि अनमोल एक निजी अस्पताल में भर्ती है। मौके पर जाकर देखा तो वह अकेले ही आईसीयू में थी। डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतिका के पिता का कहना था कि जब यहां पर आए तो ससुराल पक्ष से कोई नहीं था, उनकी डेढ़ साल की नातिन भी कहां है, कुछ पता नहीं है। मुरली खत्री का कहना है कि शादी के बाद से शराब पीकर विपुल ने अनमोल के साथ मारपीट करना शुरू कर दिया। तीन बार दोनों के बीच समझौता हुआ। राजपुर आकर विपुल ने यह भी कबूल किया कि वह अब दोबारा कभी भी शराब नहीं पिएगा, और ना ही अनमोल के साथ मारपीट करेगा।

22 साल पाला-पोसा,आज लाश लेकर जा रहे है

मृतिका के भाई सुनील का कहना है कि 22 साल तक नाजो से पाला, धूमधाम से दुल्हन बनाकर उसे जबलपुर भेजा था, पर आज उसकी लाश लेकर हम वापस रायपुर जा रहे है। अनमोल को अस्पताल में छोड़कर ससुराल वाले भाग गए, उनका कुछ पता नहीं है। परिजनों का आरोप है कि अनमोल की संदिग्ध मौत हुई है, जिसकी जानकारी जबलपुर पुलिस को भी दी गई, पर कोई भी पुलिसकर्मी अस्पताल आकर बयान दर्ज नहीं किया है। मृतिका के भाई ने बताया कि हम अनमोल को साथ ले जाने के लिए तैयार थे, पर उसका कहना था कि सब कुछ ठीक हो जाएगा, पता नहीं था कि उसकी हत्या कर दी जाएगी।

सीएसपी करेंगे जांच

25 वर्षीय नवविवाहिता अनमोल आहूजा की मौत को लेकर गढ़ा थाना पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। एएसपी सूर्यकांत शर्मा का कहना है कि मृतिका नवविवाहिता है, इसलिए इसकी जांच सीएसपी गढ़ा को सौंपी गई है। परिजनों का आरोप है कि उसे दूसरी मंजिल से नीचे फेंका गया है, इसकी भी जांच करवाई जा रही है। पीएम रिपोर्ट से खुलासा होगा कि कैसे अनमोल की मौत हुई है।

admin

Related Posts

अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति