एक ही झटके में 80 करोड़ का मालिक बन गया बेटा, घर की अलमारी से मिले पिता के पुराने शेयर

नई दिल्ली
एक युवक के लिए घर की सफाई ने उसकी किस्‍मत बदल दी। उसे अपने पिता के पुराने कागजातों में एक शेयर सर्टिफिकेट मिला, जिसे देखकर उसने सोचा कि ये पुराने और बेकार होंगे। लेकिन जब उसने इनकी जांच की, तो पता चला कि ये शेयर 1990 के दशक में खरीदे गए थे और आज उनकी कीमत लगभग ₹80 करोड़ हो गई है। सौरभ दत्‍ता ने सोशल मीडिया पोस्‍ट में लिखा, दोस्‍तों मेरे पिता ने यह शेयर 1990 में खरीदे थे और तब इन शेयरों की कीमत 1 लाख रुपये थी। शेयर खरीदने के बाद सौरभ के पिता भूल गए और ये पेपर घर के एक कोने में करीब 3 दशक से भी ज्‍यादा समय से पड़े रहे और आज जब बेटे के हाथ पेपर लगे तो एख ही झटके में सब कुछ बदल गया।  आज इन शेयर्स की मार्केट वैल्‍यू करीब 80 करोड़ रुपये है।

किस कंपनी के हैं ये शेयर?
ये शेयर 'जिंदल विजयनगर स्‍टील लिमिटेड' के थे, जिसे बाद में 'JSW स्‍टील' में विलय कर दिया गया। सौरभ के पिता ने करीब 5,000 शेयर खरीदे थे। विलय के बाद, इनकी संख्‍या बढ़कर 80,000 हो गई और फिर 2017 में हुए स्‍टॉक स्‍प्लिट के बाद ये 8 लाख शेयर हो गए। आज इनकी कीमत लगभग ₹80 करोड़ है।
 
सोशल मीडिया पर मिली प्रतिक्रिया
सौरभ ने इस कहानी को सोशल मीडिया पर साझा किया, तो यूजर्स ने तरह-तरह के कमेंट किए। किसी ने कहा कि इस पर 30% टैक्‍स लगेगा, तो किसी ने बताया कि जिंदल विजयनगर स्‍टील का आईपीओ 1990 के अंत में आया था। एक यूजर ने लिखा, 'एक ही स्‍टॉक में ₹1 लाख निवेश करने वाला व्‍यक्ति निश्चित रूप से अमीर रहा होगा।'

कैसे बढ़ी इन शेयरों की कीमत?
जिंदल विजयनगर स्‍टील के शेयरों की कीमत में यह उछाल कई चरणों के बाद दिखा। साल 2005 में जिंदल विजयनगर स्‍टील का जेएसडब्‍ल्‍यू स्‍टील लिमिटेड में विलय हो गया और इसमें अदला-बदली अनुपात 1:16 था। इसका मतलब है कि जिंदल विजयनगर स्‍टील के 1 शेयर के बदले जेएसडब्‍ल्‍यू ने 16 शेयर दिए थे। इसके बाद साल 2017 में जेएसडब्‍ल्‍यू स्‍टील ने अपने स्‍टॉक को स्‍प्लिट भी किया, जिसका अनुपात 1:10 था। इसका मतलब एक शेयर को कंपनी ने 10 शेयरों में विभाजित कर दिया। 

  • admin

    Related Posts

    हवाई हादसों का दर्दनाक इतिहास: अजित पवार दुर्घटना से पहले इन 11 दिग्गजों की भी ऐसे ही हुई थी मौत

    नई दिल्ली बुधवार की सुबह महाराष्ट्र और देश की राजनीति के लिए गहरे शोक की खबर लेकर आई, जब महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार और चार अन्य लोगों की एक…

    हमें पता है क्या हो रहा है — UGC रेगुलेशन मामले में दखल देगा सुप्रीम कोर्ट

    नई दिल्ली जातिगत भेदभाव से जुड़े UGC के नए नियमों के खिलाफ दाखिल याचिका पर सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट तैयार हो गया है। शीर्ष न्यायालय ने बुधवार को इस…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    धर्म

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति