सिंदूर अक्षर में कवियों ने राष्ट्रभक्ति और भारत के शौर्य एवं सक्षम नेतृत्व पर सुनाई काव्य रचनाएं

रवींद्र भवन में हुआ अखिल भारतीय कवि सम्मेलन

सिंदूर अक्षर में कवियों ने राष्ट्रभक्ति और भारत के शौर्य एवं सक्षम नेतृत्व पर सुनाई काव्य रचनाएं
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कवियों का किया सम्मान

भोपाल
 मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को रवींद्र सभागम, भोपाल में अखिल भारतीय कवि सम्मेलन "सिंदूरी अक्षर" में कवियों की रचनाएं सुनीं। संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित यह कवि सम्मेलन भारतीय सेनाओं और जननायकों के शौर्य और पराक्रम पर केंद्रित रहा। कवियों ने भारत के सक्षम नेतृत्व और ऑपरेशन सिंदूर की सफलता को कविताओं का आधार बनाया।प्रारंभ में मुख्यमंत्री डॉ. यादव का पुष्पगुच्छ से स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कवि सम्मेलन में आए कवियों का शाल और श्रीफल से सम्मान किया।

कार्यक्रम में वरिष्ठ सांसद वीडी शर्मा, राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)श्रीमती कृष्णा गौर, विधायक भगवान दास सबनानी और जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

कवि सम्मेलन में आए वरिष्ठ कवि हरि ओम पवार ने कहा कि किसी राज्य के मुख्यमंत्री कवि सम्मेलन में श्रोताओं के साथ उपस्थित रहकर तल्लीनता से काव्य रचनाएं सुनते हैं, यह उनकी संवेदनशीलता का प्रत्यक्ष प्रमाण है। कार्यक्रम में प्रमुख सचिव संस्कृति शिव शेखर शुक्ला ,प्रमुख सचिव उद्योग राघवेंद्र कुमार सिंह विक्रमादित्य पीठ के निदेशक श्रीराम तिवारी,साहित्य अकादमी के निदेशक डॉ. विकास दवे एवं अनेक सुधिजन काव्य प्रेमी नागरिक आदि उपस्थित थे। कवि सम्मेलन देर रात्रि तक चला।

कवि सम्मेलन में जानी बैरागी, सुरेंद्र दुबे, अनु सपन, शैलेंद्र माथुर, सुमित मिश्रा, अमन अक्षर,दिनेश दिग्गज आदि ने काव्य रचनाएं पढ़ी।

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