शुभांशु शुक्ला को अंतरिक्ष ले जाने का Axiom-4 मिशन फिर टला, लिक्विड ऑक्सीजन बनी वजह

नई दिल्ली

भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुंभाशु शुक्ला का Axiom-4 मिशन एक बार फिर टल गया है. 'स्टैटिक फायर' परीक्षण के बाद बूस्टर की जांच के दौरान लिक्विड ऑक्सीजन (LOx) रिसाव का पता चलने के बाद मिशन पर ब्रेक लगाने का निर्णय लिया गया. इस मिशन के तहत भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को ISS भेजा जाना था.

स्पेसएक्स ने इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) के लिए निर्धारित Axiom-4 मिशन का लॉन्च स्थगित किए जाने की पुष्टि की है. शुभांशु को लेकर Axiom-4 मिशन बुधवार शाम 5.30 बजे लॉन्च होने वाला था. Axiom-4 मिशन में भारत, पोलैंड और हंगरी के अंतरिक्ष यात्री शामिल हैं.

स्पेसएक्स ने X पर पोस्ट करते हुए लिखा, Ax-4 मिशन के लिए फाल्कन 9 रॉकेट का कल होने वाला लॉन्च स्थगित किया जा रहा है ताकि स्पेसएक्स की टीमें LOx रिसाव को ठीक कर सकें. कंपनी ने आगे कहा कि मरम्मत पूरी होने और रेंज की उपलब्धता के आधार पर नई लॉन्च तारीख शेयर की जाएगी.

इससे पहले स्पेसएक्स ने एक बयान में कहा था, ''लॉन्च के लिए मौसम की अनुकूलता 85 प्रतिशत है. हालांकि एसेंट कॉरिडोर (चढ़ाई मार्ग) में तेज हवाओं की निगरानी जारी है.''

शुभांशु को 2023 में अमेरिका की यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने Ax-4 मिशन के लिए चुना था. यह मिशन भारत और नासा के बीच सहयोग का परिणाम है. शुभांशु ने स्पेसएक्स और एक्सिओम स्पेस से विशेष ट्रेनिंग ली है.

यह चौथी बार है जब Axiom-4 मिशन को टाला गया है. कुछ दिन पहले भी लॉन्च को टालना पड़ा था. उस समय मौसम की स्थिति अनुकूल नहीं थी और बारिश की 45 प्रतिशत संभावना थी. तेज हवाएं लॉन्च साइट पर रिपोर्ट की गई थीं.

एक बार लॉन्च होने के बाद Ax-4 मिशन के अंतर्गत अंतरिक्ष यात्री लगभग 14 दिन अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर बिताएंगे. इस दौरान वे माइक्रोग्रैविटी, जीवन विज्ञान और Material साइंस से जुड़े कई वैज्ञानिक प्रयोग करेंगे. ये प्रयोग दुनियाभर के 30 से ज्यादा देशों के शोधकर्ताओं के सहयोग से किए जाएंगे.

यह मिशन ना सिर्फ भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम में एक मील का पत्थर है, बल्कि यह राकेश शर्मा के 1984 के ऐतिहासिक मिशन की याद दिलाता है. शुभांशु शुक्ला भारतीय वायु सेना के ग्रुप कैप्टन हैं और गगनयान कार्यक्रम के चार अंतरिक्ष यात्रियों में से एक हैं. 

 

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