मैहर में भीषण सड़क हादसा, भाजपा नेता पुरुषोत्तम चौरसिया की हुई मौत

मैहर 

मैहर के भाजपा नेता की सड़क हादसे में मौत हो गई। परिवार के पांच सदस्य घायल भी हुए हैं। सभी लोग अपने परिवार की महिला का प्रयागराज में अंतिम संस्कार कर वापस आ रहे थे। 

मैहर के भाजपा नेता और पूर्व पार्षद पुरुषोत्तम चौरसिया(55) की चाची और लवकुश चौरसिया की मां का मंगलवार को निधन हो गया था। चाची की इच्छा के अनुसार परिवार के 6 सदस्य उनका अंतिम संस्कार करने प्रयागराज गए थे। वापस लौटते समय हादसा हो गया। हादसे के बाद एंबुलेंस चालक मौके से फरार हो गया।

एंबुलेंस में सवार पांच अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। घायलों में पोलो चौरसिया (28), दिवाकर चौरसिया (60), लखन चौरसिया (46), रामलाल चौरसिया (55) और प्रमोद चौरसिया (45) शामिल हैं। सभी घायलों को सतना के बिड़ला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

अमरपाटन थाना प्रभारी केपी. त्रिपाठी ने बताया कि पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। घायलों को तत्काल बचाव दल की मदद से एंबुलेंस से निकाला गया और अस्पताल पहुंचाया गया। फरार चालक की तलाश जारी है।

  • admin

    Related Posts

    अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

    अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

    मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

    रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    धर्म

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति