मल्लिकार्जुन खड़गे ने लोकसभा में डिप्टी स्पीकर के रिक्त पद को लेकर पीएम मोदी पर साधा निशाना

बेंगलुरु 
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने बुधवार को लोकसभा में डिप्टी स्पीकर के रिक्त पद को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा। उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि प्रधानमंत्री बेवजह लोकतंत्र की बातें करते हैं। उन्हें लोकतंत्र पर किसी भी प्रकार का वक्तव्य देने का हक नहीं है, क्योंकि उन्होंने अपने दोनों ही कार्यकाल में लोकसभा में डिप्टी स्पीकर के पद को खाली रखा। अब यह तीसरा कार्यकाल आ चुका है। लेकिन, प्रधानमंत्री की ओर से अभी तक इस दिशा में किसी भी प्रकार का कदम नहीं उठाया गया है।
उन्होंने कहा कि संविधान में इस बात का भलीभांति वर्णन किया गया है कि लोकसभा के डिप्टी स्पीकर के क्या काम होंगे, उनके क्या कर्तव्य होंगे। इसके इतर, उनकी नियुक्ति कैसे होगी, इन सबके बारे में सब कुछ संविधान में बताया गया है। संविधान में यह भी कहा गया है कि जो सबसे बड़ा दल हो, उसके किसी नेता को डिप्टी स्पीकर की जिम्मेदारी दी जाए। लेकिन, अफसोस अभी तक प्रधानमंत्री मोदी इस दिशा में किसी भी प्रकार का कदम उठाते हुए नजर नहीं आ रहे हैं। इस तरह से पूरी संवैधानिक व्यवस्था पर आंच आ रही है, जिसे हम लोग किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि जब हम सत्ता में थे, तब हमने खुद डिप्टी स्पीकर के पद की जिम्मेदारी विपक्ष के नेता को दी थी। लेकिन, प्रधानमंत्री मोदी की तरफ से अभी तक इस दिशा में कोई भी संतोषजनक कदम नहीं उठाया गया है, जिससे यह साफ जाहिर होता है कि वह अलोकतांत्रिक तरीके से अपने कामों को करते हैं, जिसे एक लोकतांत्रिक व्यवस्था में स्वीकार नहीं किया जा सकता है। साथ ही, प्रधानमंत्री के इस व्यवहार से उनकी हठधर्मिता भी जाहिर होती है कि वह एक छोटा सा पद भी विपक्ष के किसी नेता को नहीं देना चाहते हैं। इस तरह से पूरी लोकतांत्रिक व्यवस्था को अपने कब्जे में लेने की कोशिश कर रहे हैं।
उन्होंने आगे कहा कि इन्हीं सब स्थितियों को ध्यान में रखते हुए मैंने प्रधानमंत्री मोदी को पत्र लिखा, जिसमें मैंने डिप्टी स्पीकर के रिक्त पद का मुद्दा उठाया है। मैंने मांग की है कि इस पद को जल्द से जल्द भरा जाए। साथ ही, मैंने पत्र में यह भी जिक्र किया है कि पिछले 10 सालों में आपने आज तक इस पद को भरने की दिशा में कोई कदम नहीं उठाया। प्रधानमंत्री को यह पता होना चाहिए कि इस देश में संविधान के अनुरूप सरकार चलती है और आप संविधान से परे नहीं जा सकते हैं।
बता दें कि कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने मंगलवार को प्रधानमंत्री मोदी को एक पत्र लिखा था। खड़गे ने लोकसभा में डिप्टी स्पीकर के खाली पद को लेकर अपनी बात पहुंचाई थी। उन्होंने कहा था कि स्वतंत्र भारत के इतिहास में पहली बार पिछले दो लोकसभा सत्रों में डिप्टी स्पीकर का पद खाली रहा है और यह चिंता की बात है।

  • admin

    Related Posts

    अजित पवार की मौत पर सियासत तेज: ममता बोलीं– सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में हो जांच, भरोसा खत्म

    कोलकाता महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के वरिष्ठ नेता अजित पवार का बुधवार सुबह एक दुखद विमान दुर्घटना में निधन हो गया। यह हादसा पुणे जिले के…

    ‘अयोध्या से कटियार ही लड़ें’— बृजभूषण शरण सिंह का बड़ा बयान, सियासत में साजिश का आरोप

    गोंडा कैसरगंज के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने कहा है कि अयोध्या लोकसभा सीट पर पहला हक विनय कटियार का है और उन्हें ही चुनाव लड़ना चाहिए। उन्होंने यह…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    धर्म

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति