राजा रघुवंशी हत्याकांड के आरोपियों की पहली तस्वीर आई सामने

इंदौर 

इंदौर के राजा रघुवंशी की हत्या में शामिल चार मुख्य आरोपियों को मेघालय पुलिस ने एक साथ मीडिया के सामने पेश किया. चारों आरोपियों की जो तस्वीर सामने आई है, उसमें हत्या का आरोपी और सोनम का प्रेमी राज कुशवाह सफेद शर्ट में अकेले बैठा दिख रहा है, उसके बगल में आनंद बैठा है, जबकि आकाश काले टी-शर्ट में और विशाल सफेद चेक्स की शर्ट में नजर आ रहा है.

पुलिस का कहना है कि आरोपियों से पूछताछ की जा रही है. अन्य तीन आरोपी सोनम के प्रेमी राज कुशवाह ने हायर किए थे. इनकी प्लानिंग के अनुसार, राजा और सोनम मेघालय के वेसॉडोंग वॉटरफॉल्स घूमने गए थे, जहां पहले से मौजूद इन तीनों ने मिलकर राजा रघुवंशी की हत्या कर दी. इस दौरान सोनम भी मौके पर मौजूद थी.

इस मामले के खुलासे में उस वक्त बड़ा मोड़ आया, जब पुलिस को सोनम द्वारा छोड़े गए सूटकेस में ‘मंगलसूत्र’ और अंगूठी मिली. इसके बाद पुलिस ने सोनम को यूपी के गाजीपुर में ट्रेस किया, जहां वह खुद ही सरेंडर करने पहुंच गई. इसके बाद पुलिस ने उसके प्रेमी राज और तीनों आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया.

इन चारों आरोपियों को अब शिलॉन्ग की कोर्ट से 8 दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है. पुलिस इनसे हत्या की योजना, पैसे के लेन-देन और साजिश से जुड़े कई बिंदुओं पर पूछताछ कर रही है. हत्या के इस मामले में पुलिस की जांच तेजी से आगे बढ़ रही है.

सूटकेस और उसमें मिले मंगलसूत्र से सुलझी हत्या की गुत्थी

दरअसल, इंदौर से शादी के बाद मेघालय हनीमून मनाने पहुंचे राजा रघुवंशी की हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है. केस की गुत्थी एक छोड़े गए सूटकेस और उसमें मिले ‘मंगलसूत्र’ से सुलझी. राजा की पत्नी सोनम, उसका प्रेमी राज कुशवाहा और तीन सुपारी किलर को गिरफ्तार कर लिया गया है. सभी आरोपी शिलॉन्ग पुलिस कस्टडी में हैं.

29 साल के राजा रघुवंशी और 25 साल की सोनम की शादी 11 मई को इंदौर में हुई थी. दोनों 20 मई को असम के गुवाहाटी होते हुए मेघालय के मशहूर पर्यटन स्थल चेरापूंजी (सोहरा) पहुंचे. 22 मई को ये कपल बिना बुकिंग के एक होमस्टे में पहुंचा, लेकिन कमरा न मिलने पर उन्होंने अपना सूटकेस वहीं छोड़ दिया और करीब 3,000 सीढ़ियों की चढ़ाई वाले नोंग्रियात गांव में रात बिताई.

23 मई को दोनों नोंग्रियात से वापस सोहरा आए, जहां से स्कूटर उठाकर वे वेसॉडोंग फॉल्स गए. यहीं राजा की हत्या कर दी गई. पुलिस के अनुसार, इस वारदात को सोनम ने अपने प्रेमी राज कुशवाह और तीन सुपारी किलर की मदद से अंजाम दिलवाया. हैरान कर देने वाला यह हनीमून मर्डर केस उस वक्त सुलझा जब पुलिस को छोड़े गए सूटकेस में सोनम का 'मंगलसूत्र' और एक अंगूठी मिली.

मेघालय की पुलिस महानिदेशक (DGP) एल. नोंग्रांग ने बताया कि शादीशुदा महिला द्वारा मंगलसूत्र छोड़ जाना सामान्य नहीं था, जिससे पुलिस को शक हुआ और सोनम पर फोकस किया गया. इसी आधार पर जांच ने मोड़ लिया और सोनम के यूपी के गाजीपुर में पकड़े जाने के साथ पूरा षड्यंत्र सामने आ गया. पुलिस के मुताबिक, हत्या के दौरान सोनम मौके पर मौजूद थी और राजा की हत्या उसकी आंखों के सामने की गई.

 

admin

Related Posts

अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति