एअर इंडिया विमान हादसा पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की संवेदनाएं

नई दिल्ली 
गुरुवार दोपहर को भारत ने एक गंभीर और हृदय विदारक विमान दुर्घटना का सामना किया, जब एअर इंडिया की लंदन जा रही उड़ान (AI-171), अहमदाबाद हवाई अड्डे से टेक-ऑफ के कुछ ही मिनटों बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गई। इस हादसे में कुल 242 लोग सवार थे, जिनमें 230 यात्री और 12 चालक दल के सदस्य शामिल थे। विमान के मेघाणी नगर क्षेत्र में दुर्घटनाग्रस्त होने की खबर से देशभर में शोक की लहर दौड़ गई है। विमान के मलबे से निकाले जा रहे घायलों को अस्पतालों में भर्ती कराया गया है और राहत एवं बचाव कार्य युद्ध स्तर पर जारी है।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की संवेदनाएं
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने इस हादसे को "हृदय विदारक आपदा" करार देते हुए, सभी प्रभावित परिवारों के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट की हैं। सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पूर्व में ट्विटर पर पोस्ट करते हुए राष्ट्रपति ने लिखा: "यह एक अत्यंत दुखद विमान दुर्घटना है। इस हृदय विदारक आपदा में जिन लोगों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उनके प्रति मेरी गहरी संवेदना है। राष्ट्र इस अवर्णनीय दुख की घड़ी में उनके साथ खड़ा है।"

हादसे की जांच और राहत कार्य
इस दुर्घटना की जांच के लिए एक उच्च स्तरीय समिति गठित की गई है। वहीं एअर इंडिया ने यात्रियों के परिजनों के लिए आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर – 1800 5691 444 जारी किया है। टाटा समूह और एयर इंडिया के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने भी कहा कि एयरलाइन सभी प्रभावितों को हर संभव सहायता प्रदान कर रही है।

अंतरराष्ट्रीय यात्री भी थे सवार
एयर इंडिया की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, इस विमान में सवार 230 यात्रियों में:
169 भारतीय नागरिक
53 ब्रिटिश नागरिक
7 पुर्तगाली नागरिक
1 कनाडाई नागरिक शामिल थे।
यह अंतरराष्ट्रीय उड़ान लंदन के गैटविक एयरपोर्ट के लिए निर्धारित थी।

क्या है आगे की स्थिति?
मौके पर राष्ट्रीय आपदा मोचन बल, स्थानीय प्रशासन और एयरपोर्ट अथॉरिटी की टीमें तैनात हैं। विमान के ब्लैक बॉक्स की बरामदगी के बाद तकनीकी जांच की प्रक्रिया शुरू की जाएगी, जिससे दुर्घटना के कारणों की स्पष्ट जानकारी मिल सके। इस भयावह हादसे ने पूरे देश को झकझोर दिया है। राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, और अन्य शीर्ष नेताओं ने गहरा शोक व्यक्त किया है। राहत कार्य जारी हैं, और उम्मीद की जा रही है कि प्रभावित लोगों को जल्द से जल्द सहायता मिलेगी।

 

admin

Related Posts

हवाई हादसों का दर्दनाक इतिहास: अजित पवार दुर्घटना से पहले इन 11 दिग्गजों की भी ऐसे ही हुई थी मौत

नई दिल्ली बुधवार की सुबह महाराष्ट्र और देश की राजनीति के लिए गहरे शोक की खबर लेकर आई, जब महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार और चार अन्य लोगों की एक…

हमें पता है क्या हो रहा है — UGC रेगुलेशन मामले में दखल देगा सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली जातिगत भेदभाव से जुड़े UGC के नए नियमों के खिलाफ दाखिल याचिका पर सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट तैयार हो गया है। शीर्ष न्यायालय ने बुधवार को इस…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति