अहमदाबाद में हुए एयर इंडिया के विमान हादसे पर दुनिया भर से संवेदनाएं जताई

रूस
अहमदाबाद में हुए एयर इंडिया के विमान हादसे पर दुनिया भर से संवेदनाएं आ रही हैं। चीन, जर्मनी, रूस और फ्रांस ने इस दुखद घटना पर भारत के साथ एकजुटता जताई है। भारत में चीन के राजदूत  शू फेइहॉन्ग  ने विमान हादसे पर गहरा दुख जताया और कहा कि इस दर्दनाक समय में वह सभी प्रभावित लोगों के साथ हैं।
 
जर्मनी के विदेश मंत्री  जोहान वेडफुल ने सोशल मीडिया पर लिखा, "हम अहमदाबाद से उड़ान भरने के बाद एयर इंडिया के विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने की चौंकाने वाली तस्वीरें देख रहे हैं। इस समय मेरी प्रार्थनाएं भारत के लोगों और उन सभी के साथ हैं जो अपने प्रियजनों के लिए चिंतित हैं।"

यह हादसा गुरुवार को एयर इंडिया की फ्लाइट AI-171  के साथ हुआ। यह विमान  हमदाबाद से लंदन के गैटविक एयरपोर्ट  जा रहा था। टेकऑफ के तुरंत बाद  मेघाणीनगर इलाके  में विमान  दुर्घटनाग्रस्त हो गया । विमान में  कुल 242 यात्री  सवार थे।  मौके पर राहत और बचाव कार्य जारी है। अग्निशमन दल द्वारा आग बुझाने का काम किया जा रहा है और स्थानीय प्रशासन पूरी तरह से मदद में जुटा है। 

  • admin

    Related Posts

    हवाई हादसों का दर्दनाक इतिहास: अजित पवार दुर्घटना से पहले इन 11 दिग्गजों की भी ऐसे ही हुई थी मौत

    नई दिल्ली बुधवार की सुबह महाराष्ट्र और देश की राजनीति के लिए गहरे शोक की खबर लेकर आई, जब महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार और चार अन्य लोगों की एक…

    हमें पता है क्या हो रहा है — UGC रेगुलेशन मामले में दखल देगा सुप्रीम कोर्ट

    नई दिल्ली जातिगत भेदभाव से जुड़े UGC के नए नियमों के खिलाफ दाखिल याचिका पर सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट तैयार हो गया है। शीर्ष न्यायालय ने बुधवार को इस…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    धर्म

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति