राजा के मोक्ष के लिए किया गया पूजन, सोनम से रिश्ता खत्म कर गोविंद ने किया जीजा का पिंडदान

उज्जैन
राजा के मोक्ष के लिए बड़े भाई विपिन रघुवंशी और भतीजे विधान ने सिद्धवट पर नारायण बलि का पूजन अर्चन कर पिंड बनाकर उनका पूजन किया। इस दौरान सोनम का भाई भी साथ-साथ रहा। उसने राजा की मोक्ष की कामना को लेकर तर्पण किया और पूरे समय परिवार के साथ ही दिखाई दिया। इंदौर के बहुचर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड में आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद शिलांग पुलिस मामले की तहकीकात में जुटी है। वहीं राजा रघुवंशी के परिजन अपने बेटे के मोक्ष की कामना को लेकर धार्मिक नगरी उज्जैन में पहुंचे। यहां उन्होंने सिद्धवट पर नारायण बलि का पूजन अर्चन कर पिंड बनाएं उनका पूजन किया और फिर इन्हें मां शिप्रा प्रवाहित किया। 

श्री क्षेत्र पंडा समिति के अध्यक्ष पंडित राजेश त्रिवेदी आम वाला पंडा ने बताया कि राजा रघुवंशी के भाई विपिन रघुवंशी और उनका भतीजा विधान आज शुक्रवार को राजा रघुवंशी के मोक्ष की कामना को लेकर सिद्धनाथ आए। उन्होंने पहले दिन से लेकर दसवें दिन तक का पूजन अर्चन किया। पंडित राजेश त्रिवेदी ने बताया कि राजा के मोक्ष की प्राप्ति के लिए यह संस्कार आवश्यक होता है। इसीलिए परिवार के लोग उज्जैन आए थे, जिन्होंने पिंडदान के साथ ही तर्पण किया और सिद्धनाथ के दर्शन करने के बाद दान पुण्य भी किया।
 
इंदौर की बहुचर्चित राजा और सोनम मामले में सोनम पर ही चार अन्य लोगों के साथ मिलकर राजा की हत्या करने का आरोप है। पुलिस ने इस पूरे मामले को सुलझा दिया है, लेकिन इन सबके बावजूद सोनम का भाई गोविंद आज सिद्धवट पर हुए पूजन अर्चन के दौरान राजा के परिवार के साथ शामिल रहा। उसने राजा की मोक्ष की कामना को लेकर तर्पण किया और पूरे समय परिवार के साथ ही दिखाई दिया।
  
सोनम ने गलत किया है तो मिले फांसी की सजा
राजा के मोक्ष की कामना को लेकर सिद्धवट पर हुए पूजन अर्चन के दौरान शामिल हुए सोनम के भाई गोविंद ने मीडिया को बताया कि सोनम ने पूरे प्रदेश ही नहीं देशभर में हमारा नाम बदनाम कर दिया। वह शुरुआत से ही जिद्दी और गुस्से वाली थी। गोविंद ने बताया कि अगर मुझे राज कुशवाह और सोनम के अफेयर की जानकारी होती तो या तो मैं उन्हें भगा देता या फिर उनकी शादी करवा देता। परिवार की ओर से सोनम पर शादी का कोई दबाव नहीं था। वह ऐसी भी नहीं थी कि किसी दबाव में आकर शादी कर लेती। उसने जो किया वह माफी के लायक नहीं है। अगर वह दोषी है तो उसे फांसी की सजा मिलनी चाहिए। हम तो शुरू से ही राजा की फैमिली के साथ थे और अब भी उनके साथ ही रहेंगे। 

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