देश दो अलग-अलग मौसम की स्थितियों का कर रहा सामना, तपती गर्मी से मिलेगी निजात, आज से 20 जून तक बारिश और तेज आंधी का खतरा

नई दिल्ली

देश इन दिनों दो अलग-अलग मौसम की स्थितियों का सामना कर रहा है। एक तरफ पूर्वोत्तर भारत के कई हिस्से बारिश से तरबतर हो चुके हैं और बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं, तो दूसरी ओर उत्तर-पश्चिमी राज्यों में अब भी गर्मी का प्रचंड प्रकोप जारी है। कई इलाकों में तापमान 40 डिग्री से ऊपर बना हुआ है, जिससे लोग झुलसते ताप में बेहाल हैं। इस बीच, भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने एक नई चेतावनी जारी करते हुए बताया है कि 15 जून से 20 जून तक देश के कई राज्यों में जमकर बारिश होने वाली है।

 कहां होगी भारी बारिश?

IMD के अनुसार, कुछ राज्यों में अगले 7 दिन भारी बारिश, आंधी और तेज हवाओं के साथ बीतेंगे। इन राज्यों में अलर्ट जारी किया गया है:

 दक्षिण भारत में:

केरल, तटीय आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, पुडुचेरी, कराईकल और कर्नाटक (तटीय और आंतरिक हिस्से) में 14 से 20 जून के बीच मूसलाधार बारिश की संभावना जताई गई है।
इस दौरान कई जगह 40–50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं और गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है।

 पश्चिम भारत में:

कोंकण, गोवा, सौराष्ट्र, मराठवाड़ा, मध्य महाराष्ट्र और गुजरात में 14 से 17 जून तक जोरदार बारिश हो सकती है। इन इलाकों में भी तेज हवाओं के साथ तूफानी मौसम बना रह सकता है।

 पूर्व और मध्य भारत में:

विदर्भ, छत्तीसगढ़, ओडिशा, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 15 से 19 जून के बीच बारिश का दौर चलेगा।
 बिहार में 19 जून को भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।

 उत्तर भारत में:

उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में 14 से 19 जून के बीच बारिश का सिलसिला चलेगा। इस दौरान कई जगह धूलभरी आंधी, तूफान और गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है।
हवाओं की रफ्तार 50 से 70 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो सकता है।

 कहां होगी हल्की से मध्यम बारिश?

IMD ने कुछ राज्यों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना भी जताई है, जहां मौसम में थोड़ी राहत मिल सकती है:
मध्य महाराष्ट्र और गुजरात में 14-15 जून को गरज-चमक के साथ हल्की/मध्यम बारिश संभव है।
मध्य प्रदेश में 14-17 जून के बीच कुछ स्थानों पर बारिश के साथ आंधी, बिजली गिरने और 40-50 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।
पूर्वी मध्य प्रदेश में 16-17 जून को भी बारिश का अनुमान है।
उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में पूरे सप्ताह बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है।

 राजस्थान में गर्मी और धूलभरी हवाओं का दौर

जहां एक ओर देश के कई हिस्सों में मानसून दस्तक दे चुका है, वहीं राजस्थान अब भी मानसून का इंतजार कर रहा है। IMD के मुताबिक:-

अगले 6 दिनों तक राजस्थान के कई हिस्सों में 40-50 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी।
कुछ क्षेत्रों में बादल छा सकते हैं और हल्की बारिश की संभावना भी जताई गई है।
इसके चलते तापमान में थोड़ी गिरावट आ सकती है और लोगों को गर्मी से अस्थायी राहत मिल सकती है।

 क्या बोले मौसम विशेषज्ञ?

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून धीरे-धीरे उत्तर भारत की ओर बढ़ रहा है, लेकिन उत्तर-पश्चिम राज्यों में इसकी रफ्तार अपेक्षा से धीमी है। पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत में इसका असर दिखना शुरू हो गया है, जिससे कुछ राज्यों में बाढ़ जैसी स्थिति भी बनी हुई है।

 सावधानी जरूरी

IMD ने लोगों से अपील की है कि जो क्षेत्र बारिश और आंधी की चपेट में आने वाले हैं, वहां के लोग सतर्क रहें:
बिजली गिरने की संभावना वाले क्षेत्रों में बाहर निकलने से बचें।
तेज हवाओं के चलते पेड़ और खंभे गिरने का खतरा बढ़ सकता है, इसलिए खुले क्षेत्रों में सावधानी बरतें।
जिन राज्यों में बाढ़ का खतरा है, वहां स्थानीय प्रशासन की चेतावनियों का पालन करें।

 

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