हादसे के दो दिन बाद चारधाम हेली सेवा फिर शुरू, सरकार ने दिए सख्त निर्देश

केदारनाथ:

केदारनाथ घाटी में एक बार फिर से हेलीकॉप्‍टर सेवाएं शुरू कर दी गई हैं. रविवार को केदारनाथ में श्रद्धालुओं को लेकर जा रहा एक हेलीकॉप्‍टर क्रैश हो गया था. जिसके बाद हेलीकॉप्‍टर सेवाएं बंद कर दी गई थी. इस दर्दनाक हादसे में आर्यन एवियेशन प्राइवेट लिमिटेड के हेलीकॉप्टर में सवार सभी सातों लोगों की मौके पर ही मृत्यु हो गयी थी. बता दें केदारनाथ घाटी में  लगातार कई हेलीकॉप्टर दुर्घटनाएं हुई हैं, जो कई तरह के सवाल खड़े कर रही है. पिछले 14 सालों में 13 हादसों में 41 लोगों की जान गई है. 
केदारनाथ धाम में बड़ी हेली दुर्घटनाएं

    25 जून, 2013, एमआई-17 हेलिकॉप्टर गौरीकुंड के पास दुर्घटनाग्रस्त, 21 जवानों की मौत
    28 जून 2013 केदारनाथ से दो किमी आगे गरुड़चट्टी में हेलिकॉप्टर क्रैश, 3 की मौत
    18 अक्तूबर 2022 को केदारनाथ से गुप्तकाशी जा रहा गरूडचटटी के पास पहाड़ी से टकराने से हेलीकप्टर क्रैश, 7 की मौत,
    15 जून 2025 केदारनाथ से गुप्तकाशी लौट रहा हेली गौरी माई खर्क के पास क्रैश, सात की मौत

रविवार की घटना के बाद राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उच्चाधिकारियों के साथ एक बैठक की थी तथा हेलीकॉप्टर हादसे की उच्चस्तरीय जांच के आदेश देने के अलावा हेली उड़ानों के बेहतर समन्वय के लिए ‘कमांड एवं कोऑर्डिनेशन सेंटर' स्थापित करने के भी निर्देश दिए थे.

बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा था कि सोमवार तक चार धाम के लिए हेली सेवा पूर्ण रूप से बंद रहेगी. उन्होंने कहा था, ‘‘चार धाम में सेवा दे रहे सभी हेली ऑपरेटर एवं पायलटों के उच्च हिमालय क्षेत्रों में उड़ान अनुभवों की जांच होगी एवं सभी हेली ऑपरेटर के साथ बैठक के बाद ही हेली सेवा को शुरू किया जाएगा.''उत्तराखंड सिविल एविएशन डेवलपमेंट अथॉरिटी (UCADA) की सीईओ सोनिका ने इस संबंध में जानकारी साझा की.

यहां बता दें कि रविवार को केदारनाथ घाटी में एक निजी हेलीकॉप्टर के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद पांच श्रद्धालुओं सहित सात लोगों की मौत हो गई थी. उत्तराखंड सरकार ने चारधाम यात्रा के लिए हेलीकॉप्टर सेवाओं को तत्काल से दो दिनों के लिए निलंबित कर दिया था. सीएम पुष्कर सिंह धामी ने इस हादसे की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए और हेली उड़ानों के बेहतर समन्वय के लिए 'कमांड एंड कोऑर्डिनेशन सेंटर' स्थापित करने का निर्देश दिया.

UCADA की सीईओ सोनिका ने बताया कि हेलीकॉप्टर सेवाएं अब डीजीसीए की गाइडलाइन के अनुसार संचालित होंगी. सरकार ने यह भी सुनिश्चित किया है कि सभी हेली ऑपरेटरों और पायलटों के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में उड़ान अनुभवों की जांच की जाएगी.  नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. लगातार निगरानी भी की जाएगी. मौसम को देखते हुए ही उड़ान भरने पर फैसला लेने के निर्देश हैं.

शीएम धामी ने क्या कहा था?
वहीं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा हमारी प्राथमिकता है. हेलीकॉप्टर सेवाएं अब सुचारू रूप से चल रही हैं और हम यात्रियों की सुगम यात्रा के लिए प्रतिबद्ध हैं.

उत्तराखंड में लगातार हेलिकॉप्टर हादसों में लोगों की मौत पर सोमवार को हाईकोर्ट ने भी संज्ञान लेते हुए सरकार को नोटिस भेजकर जवाब माँगा है. कोर्ट ने ये भी पूछा क्या एजेंसियां नियमों का पालन कर रहीं हैं. बीते दो महीने में अलग-अलग हुए हेलिकॉप्टर हादसों में 13 लोगों की जान चली गयी है अब तक. रविवार के हादसे के बाद सरकार और एजेंसियों पर बड़े सवाल उठ रहे थे.

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