छत्तीसगढ़ में नए कोरोना-वैरिएंट से पहली मौत, 24 मई को पहला मरीज मिला, 23 दिन में आंकड़ा 100 पार

रायपुर
छत्तीसगढ़ में कोविड अब जानलेवा होता जा रहा है। कोरोना वायरस के नए वैरिएंट के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। वहीं, राज्य में कोरोना वायरस से मौत का पहला मामला सामने आया है। राजनांदगांव की 86 वर्षीय बुजुर्ग की राजधानी रायपुर के एक अस्पताल में कोविड-19 संक्रमण से मौत हो गई। स्वास्थ्य विभाग और निगम अमले की मौजूदगी में कोविड प्रोटोकॉल के तहत कन्हारपुरी स्थित मुक्तिधाम में उनका अंतिम संस्कार किया गया।
परिवार के 7 लोग रहे मौजूद

जब कोविड संक्रमण व्यक्ति का अंतिम संस्कार किया गया तो इस दौरान परिवार के सिर्फ सात लोग ही मौजूद रहे। इस मामले के बाद परिवार के सभी सदस्यों की कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग की जाएगी और उनके सैंपल कोविड-19 जांच के लिए भेजे जाएंगे।

14 जून को हुए थे भर्ती

राजनांदगांव की 86 वर्षीय बुजुर्ग को सांस लेने में तकलीफ के चलते 14 जून को रायपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। अस्पताल प्रबंधन ने जानकारी दी थी कि वह कोरोना से संक्रमित थीं। परिवार के सदस्यों के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे जाएंगे। इसके साथ ही सभी को होम क्वारंटीन कर दिया गया है। परिवार के सदस्यों ने खुद सोशल मीडिया के जरिए यह जानकारी दी है कि वह होम क्वारंटीन हैं।

जांच रिपोर्ट में पेशेंट कोविड पॉजिटिव आया। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। ओवरऑल अब तक प्रदेश में कोविड के 118 मरीज मिल चुके हैं। इनमें से 42 पिछले पांच दिनों में मिले हैं। सोमवार को दस नए मरीज मिले हैं। इनमें रायपुर के 3, बिलासपुर के 3, दुर्ग के 2 और सरगुजा-महासमुंद से एक-एक मरीज शामिल हैं।

24 मई को पहला मरीज मिला, 23 दिन में आंकड़ा 100 पार

हालांकि एक्टिव मरीजों की संख्या 51 है, वहीं 66 रिकवर हो चुके हैं। इनमें 41 होम आइसोलेशन में हैं। 9 ऑक्सीजन सपोर्ट पर हैं, वहीं 1 मरीज ICU में है। प्रदेश में 24 मई को प्रदेश में पहला कोविड पेशेंट रायपुर में मिला था। 23 दिन में आंकड़ा सैकड़ा का अंक पार गया है। इस लिहाज से प्रदेश में रोज 5 मरीज मिल रहे हैं।

अगले दस दिन में 50 और नए मरीज मिल सकते हैं

अच्छी बात ये है कि 3 मरीज रोज ठीक भी हो रहे हैं। कुछ और डेप्थ कैलकुलेशन करें तो जो डिजिट सामने आते हैं उसके मुताबिक कोविड की डेली ग्रोथ रेट 23.1% है, वहीं रिकवरी रेट 56.41% है। यानी रिकवरी रेट +33% हैं। इस लिहाज से अगले 10 दिनों का प्रोजेक्शन सेट करें तो प्रदेश में कोविड मरीजों की संख्या 167 हो जाएगी। लेकिन इनमें 96 रिकवर भी हो चुके होंगे।

कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं

छत्तीसगढ़ में कोविड के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। कोरोना के बढ़ते मामलो के बीच स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है। इसके साथ ही तैयारियों को लेकर मॉक ड्रिल भी की थी। राज्य में कोविड में कोरोना के सबसे ज्यादा मामले राजधानी रायपुर और बिलासपुर में आ रहे हैं। हालांकि डॉक्टरों का कहना है कि राहत की बात ये है कि मरीज जल्दी से रिकवर हो रहे हैं।

6 मई को सबसे ज्यादा मरीज सामने आए

इस महीने कोविड के सबसे ज्यादा मरीज बीते शुक्रवार यानी 6 मई को मिले थे। एक ही दिन में रायपुर में 11, बिलासपुर में 5 और बालोद में 1 मरीज के साथ कुल 17 मरीज मिले थे। नया वैरिएंट आने के बाद से ये एक दिन में सबसे बड़ा आंकड़ा था।

सैंपल कलेक्शन से लेकर कोविड मरीज के इलाज तक की ट्रेनिंग स्टाफ को दी जा रही है। साथ ही इमरजेंसी सिचुएशन से निपटने के लिए मॉकड्रिल भी कराई गई है। ओवर ऑल बात करें तो प्रदेश में अब तक रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, बालोद, बस्तर, सरगुजा महासमंद और बेमेतरा समेत कुल 9 जिलों में कोविड के पेशेंट मिल चुके हैं।

होम क्वारंटाइन में ठीक हो रहे मरीज

मेकाहारा के डॉ. आर के पांडा के मुताबिक, ज्यादातर मरीज होम क्वारंटाइन में ही ठीक हो जा रहे हैं, लेकिन उन मरीजों को ज्यादा खतरा है, जिन्हें पहले से दूसरी या एक से ज्यादा बीमारियां हैं। खासकर डायबिटीज पेशेंट और चेन स्मोकर्स नए वैरिएंट के चपेट में जल्दी आ सकते हैं।

देशभर में कोविड से 108 मौतें

वहीं, अगर देशभर की बात करें तो 9 राज्यों को छोड़कर बाकी स्टेट्स में कोविड का नया वैरिएंट JN.1 फैल चुका है। अभी 7 हजार 264 मरीज रिकवर एक्टिव केस हैं। वहीं 13 हजार 604 से अधिक मरीज ठीक हो चुके हैं। जबकि 108 मौतें हो चुकी हैं। एक्सपर्ट का कहना है कि नया वैरिएंट पहले की तुलना में कम खतरनाक हैं, फैटेलिटी रेट सिर्फ 2% है।

ऑक्सीजन प्लांट्स बंद, बिगड़ सकती व्यवस्था

रायपुर में कोविड के बढ़ते केस के बीच सबसे बड़ी समस्या ऑक्सीजन प्लांट को लेकर दिखती है। लास्ट कोविड वेव के दौरान पीएम केयर फंड से सरकारी अस्पताल DKS, आयुर्वेदिक कॉलेज और अंबेडकर अस्पताल में अपना ऑक्सीजन प्लांट खड़ा किया गया था, जिससे मरीजों को वक्त पर सप्लाई मिल सके।

अस्पताल परिसर में लगे ये ऑक्सीजन प्लांट बंद पड़े हैं। DKS में बीते 2 सालों में अस्पताल ने ऑक्सीजन सिलेंडर पर करीब 3.84 करोड़ रुपए खर्च कर दिए। हर महीने करीब 16 लाख रुपए का बिल सिर्फ सिलेंडर खरीदने में जा रहा है।

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