मौसम विभाग की रिपोर्ट- हफ्ते भर होगी झमाझम बारिश, यूपी से लेकर बंगाल तक अलर्ट

लखनऊ 
देश के कई हिस्सों में पिछले 24 घंटे में बारिश दर्ज की गई। मंगलवार सुबह 8:30 बजे तक अलग-अलग इलाकों में भारी से लेकर अति भारी बरसात हुई। सौराष्ट्र और कच्छ में कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश देखी गई। तमिलनाडु के तटीय क्षेत्रों में भी भारी से अति भारी बरसात हुई। कर्नाटक, केरल, हिमाचल प्रदेश, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, मिजोरम और अन्य राज्यों में भी बदरा बरसते नजर आए। गुजरात, कोंकण, महाराष्ट्र और अन्य इलाकों में 60-70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाओं के साथ गरज-चमक देखी गई। मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम बांग्लादेश और गंगा तटीय पश्चिम बंगाल के ऊपर कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है, जो अगले 24 घंटों में पश्चिम-उत्तर दिशा में बढ़ेगा। गुजरात के पास भी एक और कम दबाव का क्षेत्र है, जो उत्तर की ओर बढ़ने वाला है।

मौसम की इन गतिविधियों के चलते पूर्वी और मध्य भारत में 17 से 21 जून तक भारी से अति भारी बारिश होगी। साथ ही, 50-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं की संभावना है। पश्चिम बंगाल, ओडिशा और झारखंड में 17 और 18 जून को अत्यधिक भारी बारिश का अनुमान है। पश्चिमी भारत में गुजरात, कोंकण, गोवा और महाराष्ट्र में 17 से 23 जून तक भारी बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना है। दक्षिणी प्रायद्वीपीय भारत में तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक और अन्य क्षेत्रों में मंगलवार-बुधवार को भारी से अति भारी बारिश होगी। इस दौरान 40-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है।

पूर्वोत्तर भारत में अगले 7 दिनों तक होगी बरसात
पूर्वोत्तर भारत में अगले 7 दिनों तक भारी बारिश जारी रहेगी, जिसमें मेघालय में 18 और 19 जून को अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी है। उत्तर-पश्चिमी भारत में उत्तराखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश और पूर्वी राजस्थान में 17 से 23 जून तक भारी बारिश और तेज हवाओं की संभावना है। मौसम विभाग ने सभी प्रभावित क्षेत्रों में सतर्कता बरतने और सुरक्षा उपाय करने की सलाह दी है। वहीं, मॉनसून से प्रभावित केरल को मंगलवार को भी गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ा। निचले इलाके व्यापक पैमाने पर जलमग्न हो गए हैं। समुद्र में ऊंची लहरें उठने के कारण तटीय इलाकों में रह रहे लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। विभिन्न जिलों में निचले इलाकों में रह रहे कई परिवारों को राहत शिविरों में ले जाया गया है। समुद्र में ऊंची लहरें उठने और उसका पानी इलाकों में पहुंचने के कारण दक्षिणी तटीय क्षेत्रों में भारी तबाही की खबरें हैं।

 

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