युक्तियुक्तकरण के पश्चात नव पदस्थ शिक्षकों का भी तिलक लगाकर स्कूलों में किया गया स्वागत

रायपुर : जून से खुले स्कूलों के पट, पहले दिन पहुंचे बच्चों का हुआ स्वागत

युक्तियुक्तकरण के पश्चात नव पदस्थ शिक्षकों का भी तिलक लगाकर स्कूलों में किया गया स्वागत

शिक्षकों की पदस्थापना से शिक्षक विहीन और एकल शिक्षकीय रहे स्कूलों में भी दिखी रौनक

पहले दिन पहुंचे बच्चों को मिला जाति-आय-निवास प्रमाण पत्र का उपहार

रायपुर

16 जून से फिर स्कूल खुल गए हैं। नए सत्र से साथ कक्षाएं फिर से गुलजार हो गई हैं। विद्यार्थियों में नई क्लास में पहुंचने का उत्साह है। पहले दिन शाला पहुंचे बच्चों का तिलक लगा और मुंह मीठा कर स्वागत किया गया। इन सबके बीच जो खास नजारा इस बार देखने को मिलेगा वो है कि कई ऐसे स्कूल जो शिक्षकों की कमी से जूझ रहे थे उनमें अब फिर से रौनक है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा अतिशेष शिक्षकों की काउंसिलिंग से जिले के शिक्षकविहीन और एकल शिक्षकीय शालाओं में पदस्थापना कर दी गई है। कई ऐसे स्कूल जहां पहले एक भी शिक्षक नहीं थे वहां अब छात्रों के दर्जमान से 3 से 4 शिक्षकों की पदस्थापना हो चुकी है। यह शैक्षणिक वातावरण को बेहतर करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। पालकों में भी इस बात को लेकर खुशी है कि उनके बच्चों को अब विषयवार शिक्षक मिल गयें हैं, वे स्कूलों में सारे विषयों की पढ़ाई कर सकेंगे।

        शाला प्रवेशोत्सव के अवसर पर जिले के स्कूलों में न्योता भोज का आयोजन किया गया। साथ ही निःशुल्क पाठ्य-पुस्तक एवं गणवेश प्रदान किया गया। इसी तरह जिले के कई स्कूलों में स्कूल शिक्षा विभाग के द्वारा एक पेड़ मां के नाम 2.0 अंतर्गत पौधा रोपण कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया।

युक्तियुक्तकरण के पश्चात नव पदस्थ शिक्षकों का भी तिलक लगाकर स्कूलों में स्वागत किया गया। युक्तियुक्तकरण के पश्चात विकासखण्ड पुसौर के शासकीय प्राथमिक विद्यालय-सेमरा में शिक्षिका की पदस्थापना हुई है। जिससे वहां के विद्यार्थियों में खुशी का माहौल है। शाला प्रवेशोत्सव के दौरान नई शिक्षिका का सम्मान तिलक लगाकर किया गया। इसी तरह विकासखण्ड रायगढ़ के प्राथमिक शाला साल्हेओना में भी बच्चों ने गुलदस्ता भेंटकर शिक्षिका का सम्मान किया। युक्तियुक्तकरण पश्चात धरमजयगढ़ ब्लॉक के अंतर्गत प्राथमिक शाला कुम्हीचुंआ जो कभी शिक्षक विहीन था, आज इसमें 4 शिक्षकों की पदस्थापना हुई है। ऐसे में यहां खुशी का माहौल है एवं सभी बच्चे उत्साहित है।

पहले दिन पहुंचे बच्चों को मिला जाति-आय-निवास प्रमाण पत्र का उपहार

पहले दिन पहुंचे नव प्रवेशी बच्चों को शाला पहुंचने पर न सिर्फ  तिलक और मिठाई से स्वागत किया गया, बल्कि उन्हें उनके जाति, आय और निवास प्रमाण पत्र बनाकर दिए गए। जिले के सभी तहसीलों में राजस्व अधिकारियों ने स्कूलों में पहुंचकर बच्चों को ये प्रमाण पत्र वितरित किए गए। कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने सभी राजस्व और शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दे रखा है कि आगामी 16 जुलाई अर्थात शाला खुलने से 1 माह के अंदर सभी नव प्रवेशित स्कूली बच्चे जिनके जाति, आय और निवास प्रमाण पत्र नहीं है उन्हें यह बनाकर दिए जाएं। इसके लिए संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से काम करते हुए जल्द सारी प्रक्रियाएं पूरी करने के लिए विशेष रूप से निर्देशित किए गया है।

admin

Related Posts

अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति