साकार हो रहा मुख्यमंत्री डॉ. यादव का संकल्प, जरवाही में अब जल है, संघर्ष नहीं: जल जीवन मिशन से हुआ स्थायी समाधान

भोपाल 
मध्यप्रदेश के जनजातीय अंचलों में अब विकास की धारा स्थायी रूप ले रही है। एक समय जहां पीने के पानी के लिए लंबा इंतज़ार और कई किलोमीटर की दूरी तय करना ग्रामीण जीवन की सच्चाई थी, वहां अब शहडोल जिले के जनजातीय बहुल ग्राम जरवाही हर घर नल से जल की सुविधा से समृद्ध हो चुका है। यह परिवर्तन सिर्फ भौतिक सुविधा नहीं, बल्कि जनजातीय समुदाय के सम्मान, सशक्तिकरण और समग्र विकास से जुड़ा अहम पहलू है।

‘जल जीवन मिशन’ और धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत ग्राम जरवाही के 162 घरों तक नल से शुद्ध पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित की गई है। इस मिशन के अंतर्गत न केवल पेयजल की सुविधा बढ़ाई गई, बल्कि स्वास्थ्य, स्वच्छता, शिक्षा और महिला सशक्तिकरण जैसे पहलुओं को भी मजबूत किया गया है।

मुख्यमंत्री के नेतृत्व में जनजातीय अंचलों को प्राथमिकता
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार जनजातीय समाज के जीवनस्तर को ऊंचा उठाने के लिए अनेक योजनाओं पर कार्य कर रही है। जनजातीय बहुल क्षेत्रों के लिए पृथक दृष्टिकोण अपनाते हुए ‘धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान’ जैसे कार्यक्रम प्रारंभ किए गए हैं, जिनका उद्देश्य बुनियादी सुविधाओं के साथ-साथ आत्मसम्मान और आत्मनिर्भरता का भाव विकसित करना है।

ग्राम जरवाही इस दृष्टिकोण का एक सशक्त उदाहरण बनकर उभरा है, यहाँ की महिलाओं और बच्चों को अब पानी के लिए दूर-दराज नहीं जाना पड़ता। नल से मिलने वाला स्वच्छ जल अब उनके जीवन में सुविधा ही नहीं, बल्कि संभावनाओं का द्वार खोल रहा है।

जल पहुंचा तो बढ़ा आत्मविश्वास
गांव की महिलाओं का कहना है कि पहले दिनभर का समय पानी लाने में बीत जाता था। अब घर पर ही नल से जल उपलब्ध होने के कारण बच्चों की पढ़ाई और पारिवारिक ज़िम्मेदारियों में संतुलन बनाना आसान हुआ है। स्वच्छ जल से स्वास्थ्य में भी सुधार आया है, और बीमारियों की रोकथाम हुई है। यह केवल सुविधा नहीं, बल्कि एक सुरक्षित और गरिमामय जीवन की ओर बढ़ा कदम है।

जनजातीय गरिमा को मिला आधार
जनजातीय समुदाय के उत्थान के लिए सरकार योजनाएं बनाकर प्रभावी रूप से विकास की मुख्य धारा से जोड़ने का कार्य कर रही है। जल जीवन मिशन और उत्कर्ष अभियान जैसे प्रयास, इन क्षेत्रों में न्यायपूर्ण विकास और सामाजिक समरसता के नए मानक स्थापित कर रहे हैं।

 

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