छतरपुर में 21 और 24 साल की दो युवतियों ने आपस में की शादी, 3 महीने में समलैंगिक विवाह का दूसरा मामला

छतरपुर
 जिले में एक बार फिर दो युवतियों के समलैंगिक विवाह का मामला सामने आया है। एक 21 साल की लड़की ने 24 साल की लड़की से ही शादी कर ली है। इस शादी की चर्चा खूब हो रही है। शपथ पत्र सामने आया तो मामले का खुलासा हुआ।

दरअसल, नौगांव तहसील के ग्राम मऊसहांनिया की दो युवतियों ने आपसी सहमति से विवाह कर लिया है। उन्होंने शपथ-पत्र के जरिए अपने परिजनों को इसकी जानकारी दी। इस शादी को लेकर प्रशासन पूरी तरह मौन है। वहीं गांव के समाज में इसको लेकर हलचल तेज हो गई है। मऊसहानियां की 21 वर्षीय क्रांति ने शपथ-पत्र देकर स्वयं को बालिग बताते हुए अपनी मर्जी से एक युवती से विवाह करने की बात कबूल की है। उसने कहा है कि उसने बीते वर्ष 9 दिसंबर 2023 को ग्राम मऊसहानियां की ही निवासी 24 वर्षीय गायत्री रैकवार से प्रेम करते हुए समलैंगिक विवाह किया है।

शपथ-पत्र में बताया खुद को बालिग

क्रांति ने 17 जून 2025 को तहसील कार्यालय में शपथ-पत्र प्रस्तुत कर स्पष्ट किया कि वह अब पूरी तरह से बालिग है और अपने मन से यह निर्णय लिया है। उसने शपथ-पत्र में यह भी उल्लेख किया कि वह अपनी जीवनसाथी के साथ रह रही है। और अब अपने माता-पिता व परिवार के किसी भी सदस्य से कोई संबंध नहीं रखना चाहती। उसने कहा कि वह अपनी मर्जी से जीना चाहती है। भविष्य में परिवार या रिश्तेदारों में से कोई भी व्यक्ति उसे परेशान करता है या किसी भी प्रकार की शिकायत करता है, तो उसके लिए वह स्वयं जिम्मेदार होगी।

युवती बोलीं- अब परिवार से कोई संबंध नहीं 21 वर्षीय युवती ने शपथपत्र में कहा कि मैं बालिग हूं, शिक्षित हूं और मानसिक रूप से सक्षम हूं। यह रिश्ता मेरी मर्जी से है। मैंने परिवार को नहीं बताया और अब कोई संबंध नहीं रखती। अगर कोई विवाद हुआ तो उसकी जिम्मेदारी मेरी होगी। परिवार के लोग इस रिश्ते को स्वीकार नहीं कर रहे, इसलिए हमने सुरक्षा के लिए कानूनी रास्ता चुना है।

दो साल पहले की थी मंदिर में शादी दूसरी युवती ने बताया कि वह 12वीं पास है और दो साल पहले 9 दिसंबर 2023 को दोनों ने मंदिर के पास विवाह किया था। तब से अपने-अपने घर में रह रही थी। उन्होंने कहा कि हम दोनों बालिग हैं। परिवार साथ नहीं रहने दे रहा, इसलिए कोर्ट में शपथपत्र देकर शादी की है। अब साथ रहेंगे।

टीआई बोले- अब तक कोई शिकायत नहीं आई नौगांव थाना प्रभारी सटीक सिंह ने बताया कि दोनों युवतियां सुरक्षा के लिए आई थीं। एक दिन पहले उनके माता-पिता गुमशुदगी की रिपोर्ट देने आए थे। लेकिन अब तक थाने में इस मामले को लेकर कोई शिकायत नहीं आई है।

परिवार से कोई मतलब नहीं

शपथ-पत्र के अनुसार, क्रांति ने समाज के किसी भी दबाव को नकारते हुए अपनी मर्जी से जीवनसाथी चुना है और अब वह अपने जीवन का निर्णय स्वयं लेने को स्वतंत्र है। बता दें कि इस तरह का यह कोई पहला मामला नहीं है। इसके पहले भी नौगांव क्षेत्र के दौरिया गांव की युवती ने लड़कर असम की रहने वाली युवती से समलैंगिक विवाह किया है। बीते दो महीने के अंतराल में ही दो समलैंगिक विवाह होने से समाज और प्रशासन में हलचल बनी हुई है।

 

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