अमेरिका के विदेश विभाग ने विदेशी छात्रों के लिए फिर खोले द्वार, वीजा के लिए नई रखी शर्त

वाशिंगटन 
अमेरिका के विदेश विभाग ने कहा कि वह छात्र वीजा के लिए आवेदन करने वाले विदेशी विद्यार्थियों के लिए निलंबित प्रक्रिया को फिर से शुरू कर रहा है, लेकिन अब सभी आवेदकों को सरकारी समीक्षा के लिए अपने सोशल मीडिया अकाउंट ‘अनलॉक' रखने होंगे। विभाग ने कहा कि वाणिज्य दूतावासों के अधिकारी उन पोस्ट और संदेशों पर नजर रखेंगे जिन्हें अमेरिका, उसकी सरकार, संस्कृति, संस्थानों या संस्थापक सिद्धांतों के लिए शत्रुतापूर्ण माना जा सकता है। बुधवार को सार्वजनिक किए गए एक नोटिस में, विभाग ने कहा कि उसने छात्र वीजा प्रक्रिया के निलंबन के अपने मई के आदेश को रद्द कर दिया है, लेकिन कहा कि नए आवेदक जो अपने सोशल मीडिया अकाउंट को ‘सार्वजनिक' करने और उनकी समीक्षा करने की अनुमति देने से इनकार करते हैं, उनके आवेदन को खारिज किया जा सकता है। उसने कहा कि ऐसा करने से इनकार करना इस बात का संकेत हो सकता है कि वे बचने या अपनी ऑनलाइन गतिविधि को छिपाने की कोशिश कर रहे हैं। अधिकारियों ने कहा कि ट्रंप प्रशासन ने पिछले महीने अमेरिका में अध्ययन करने की उम्मीद कर रहे विदेशी छात्रों के लिए नए वीजा साक्षात्कारों की समय-सारणी को अस्थायी रूप से रोक दिया था, क्योंकि वह सोशल मीडिया पर उनकी गतिविधि पर निगरानी का विस्तार करने की तैयारी कर रहा था।
 
दुनिया भर के छात्र उत्सुकता से अमेरिकी वाणिज्य दूतावासों द्वारा वीजा साक्षात्कार के लिए समय देने की प्रक्रिया फिर से शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं, क्योंकि शिक्षण वर्ष की शुरुआत से पहले उनके पास यात्रा की बुकिंग करने और आवास की व्यवस्था करने के लिए कम समय बचा है। बुधवार दोपहर को, टोरंटो में 27 वर्षीय एक पीएचडी छात्र को अगले सप्ताह वीजा साक्षात्कार के लिए समय दिया गया। इस चीनी छात्र को जुलाई के अंत में शुरू होने वाली एक शोध इंटर्नशिप के लिए अमेरिका की यात्रा करने की उम्मीद है।

चीन, भारत, मेक्सिको और फिलीपीन के छात्रों ने सोशल मीडिया साइट पर पोस्ट किया है कि वे वीजा बुकिंग वेबसाइटों पर नजर रख रहे हैं और विदेश विभाग की प्रेस ब्रीफिंग को बारीकी से देख रहे हैं ताकि यह पता चल सके कि साक्षात्कार के लिए समय आवंटित करने की प्रक्रिया पुन: कब शुरू हो सकती है। वीजा प्रक्रिया को फिर से शुरू करते हुए विदेश विभाग ने वाणिज्य दूतावासों से उन छात्रों को प्राथमिकता देने के लिए भी कहा, जो उन कॉलेजों में दाखिला लेना चाहते हैं, जहां विदेशी छात्रों की संख्या 15 प्रतिशत से कम है। यह जानकारी अमेरिका के एक अधिकारी ने नाम जाहिर नहीं करने की शर्त पर दी।  

 

admin

Related Posts

हवाई हादसों का दर्दनाक इतिहास: अजित पवार दुर्घटना से पहले इन 11 दिग्गजों की भी ऐसे ही हुई थी मौत

नई दिल्ली बुधवार की सुबह महाराष्ट्र और देश की राजनीति के लिए गहरे शोक की खबर लेकर आई, जब महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार और चार अन्य लोगों की एक…

हमें पता है क्या हो रहा है — UGC रेगुलेशन मामले में दखल देगा सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली जातिगत भेदभाव से जुड़े UGC के नए नियमों के खिलाफ दाखिल याचिका पर सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट तैयार हो गया है। शीर्ष न्यायालय ने बुधवार को इस…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति