शुभांशु शुक्ला को अंतरिक्ष ले जाने वाला एक्सिओम 4 स्पेस मिशन फिर टला, नई तारीख तय करेगा नासा

नई दिल्ली

भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला की स्पेस जाने की तारीख बार-बार चल रही है। शुभांशु शुक्ला समेत चार लोगों को अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन (ISS) तक ले जाने वाला एक्सिओम-4 मिशन एक बार फिर टाल दिया गया है। अब 22 जून को शुभांशु शुक्ला उड़ान भरने वाले थे, लेकिन तकीनी खराबी के चलते एक बार फिर इस लॉन्च को आगे बढ़ा दिया गया है। बता दे कि शुभांशु शुक्ला लंबे समय से अंतरिक्ष में उड़ान भरने का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन तकीनी खराबी के चलते बार-बार मिशन की तारीख को आगे बढ़ाया जा रहा है।

अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन के आधिकारिक एक्स हैंडल से इसकी जानकारी दी। नासा ने यह फैसला इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन के लॉन्च अपॉर्चुनिटीज की समीक्षा के बाद लिया है। नासा इसकी लगातार समीक्षा जारी रखे हुए है। जिसके बाद रविवार, 22 जून को प्रक्षेपण से पीछे हटने का फैसला लिया गया है। आने वाले दिनों में लॉन्च की नई तारीख का ऐलान किया जाएगा। हालांकि अब तक यह तय नहीं है।

मिशन में देरी की वजह

नासा ने बताया कि ISS के ज्वेज्दा सर्विस मॉड्यूल में हाल ही में हुई मरम्मत के बाद संचालन की जांच जारी है। स्टेशन की प्रणालियां एक-दूसरे से गहराई से जुड़ी होती हैं, ऐसे में किसी भी संभावित दिक्कत से बचने के लिए नासा कोई जल्दबाज़ी नहीं करना चाहता। विशेषज्ञ मानते हैं कि स्टेशन को नए यात्रियों के स्वागत के लिए पूरी तरह से तैयार करना जरूरी है, इसलिए लॉन्च को कुछ समय के लिए टालना पड़ा है।

बार-बार टल रही लॉन्चिंग डेट

एक्सिओम-4 मिशन को पहले भी कई बार टाला जा चुका है। एक्सिोम मिशन 4 की लॉन्चिंग डेट को सातवीं बार टाला गया है। इस मिशन के लिए अंतरिक्ष यात्रियों को 29 मई को उड़ान भरनी थी। जिसे बाद में 8 जून, 10 जून और 11 जून, 19 जून को टाल दिया गया था। हालांकि, अब 22 जून को लॉन्चिंग होने वाली थी, लेकिन इसको एक बार फिर टाल दिया गया है। लगातार रुकावटों के बावजूद, रॉकेट और ड्रैगन यान लॉन्च कॉम्प्लेक्स 39A में अच्छी स्थिति में मौजूद हैं और नई तारीख की घोषणा जल्द की जाएगी।

अंतरिक्ष मिशन में शामिल होंगे 4 यात्री

नासा के पूर्व अंतरिक्ष यात्री और एक्सिओम स्पेस में मानव अंतरिक्ष उड़ान के डायरेक्टर पैगी व्हिटसन इस मिशन की कमान संभालेंगे। इसरो के अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला पायलट के रूप में काम करेंगे, जिससे वो 1984 में विंग कमांडर राकेश शर्मा के इतिहास रचने के लगभग चार दशक बाद अंतरिक्ष में जाने वाले दूसरे भारतीय बन जाएंगे।

दो मिशन विशेषज्ञ ईएसए (यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी) प्रोजेक्ट के अंतरिक्ष यात्री पोलैंड के स्लावोज़ उज़्नानस्की-विस्निवस्की और हंगरी के टिबोर कापू भी इस मिशन का हिस्सा हैं।

 

admin

Related Posts

हवाई हादसों का दर्दनाक इतिहास: अजित पवार दुर्घटना से पहले इन 11 दिग्गजों की भी ऐसे ही हुई थी मौत

नई दिल्ली बुधवार की सुबह महाराष्ट्र और देश की राजनीति के लिए गहरे शोक की खबर लेकर आई, जब महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार और चार अन्य लोगों की एक…

हमें पता है क्या हो रहा है — UGC रेगुलेशन मामले में दखल देगा सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली जातिगत भेदभाव से जुड़े UGC के नए नियमों के खिलाफ दाखिल याचिका पर सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट तैयार हो गया है। शीर्ष न्यायालय ने बुधवार को इस…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति