ईरान ने भारतीय छात्रों की निकासी के लिए अपने बंद हवाई क्षेत्र को विशेष रूप से भारत के लिए खोलने का किया फैसला

नई दिल्ली
ईरान ने भारतीय छात्रों की निकासी के लिए अपने बंद हवाई क्षेत्र को विशेष रूप से भारत के लिए खोलने का फैसला किया है। युद्ध प्रभावित ईरानी शहरों में फंसे छात्रों की आपातकालीन निकासी के लिए उठाया गया बड़ा और साहसिक कदम है। इसे भारतीय कूटनीति की जीत भी कहा जा रहा है। ऑपरेशन सिंधु के तहत कम से कम 1,000 भारतीयोंं के आज दिल्ली पहुंचने की संभावना है। आज रात दो निकासी उड़ानें भारत पहुँचेंगी। इनमें कई छात्र हैं।

ईरान द्वारा हवाई मार्ग खोले जाने के बाद पहली फ्लाइट आज रात 11:30 बजे के करीब नई दिल्ली लैंड करने वाली है, जबकि दूसरी उड़ान सुबह 3 बजे के आसपास दिल्ली में उतरेगी। पहली उड़ान मशाद से आएगी, जबकि दूसरी उड़ान अश्गाबात से आएगी। तीसरी उड़ान शनिवार को निर्धारित की गई है, जो शाम तक पहुंचेगी। इस बीच, ईरान के स्थानीय अधिकारियों ने पुष्टि की है कि जो भारतीय नागरिक ईरान छोड़कर जाना चाहते हैं, उनके लिए चार्टर्ड विमानों की व्यवस्था की गई है।

स्पेशल कॉरिडोर की व्यवस्था
बता दें कि पिछले आठ दिनों से ईरान और इजरायल के बीच भीषण जंग चल रही है। इस दौरान दोनों ही देश एक-दूसरे पर ड्रोन और मिसाइलों से हमले कर रहे हैं। मिसाइल हमलों के बीच ईरान ने अपने हवाई क्षेत्र को बंद कर रखा है और अधिकांश अंतरराष्ट्रीय उड़ानें बंद हैं। बावजूद इसके भारतीय छात्रों की निकासी के लिए एक स्पेशल कॉरिडोर की व्यवस्था की गई है। भारत ने बुधवार को ईरान से भारतीय नागरिकों को निकालने के लिए 'ऑपरेशन सिंधु' लॉन्च किया था।

कुछ भारतीय छात्र घायल हुए हैं
दिल्ली में ईरानी दूतावास के अधिकारियों ने कहा कि कुछ भारतीय छात्र इजरायली हमले में घायल हुए हैं। वे सभी तेहरान में ईरानी विदेश मंत्रालय और भारतीय दूतावास के संपर्क में है। बता दें कि इससे पहले कुल 110 भारतीय छात्रों का पहला जत्था बुधवार देर रात नई दिल्ली पहुंचा था। इनमें 94 छात्र-छात्रा जम्मू-कश्मीर के थे। ये सभी छात्र उर्मिया मेडिकल यूनिवर्सिटी में पढ़ रहे थे और उन्हें आर्मेनिया और दोहा के रास्ते निकाला गया।

ईरान और आर्मेनिया की सरकारों के प्रति आभार
भारत सरकार ने ईरान में बिगड़ती स्थिति को देखते हुए भारतीय नागरिकों को निकालने के लिए ऑपरेशन सिंधु शुरू किया है। विदेश मंत्रालय के अनुसार भारत सरकार पिछले कई दिनों से ईरान से भारतीय नागरिकों की सुरक्षा के लिए विभिन्न कदम उठा रही है। विदेश मंत्रालय ने पहली खेप में उत्तरी ईरान से 110 भारतीय छात्रों को निकाला है। भारत सरकार ने निकासी प्रक्रिया को सुचारू रूप से सुगम बनाने के लिए ईरान और आर्मेनिया की सरकारों के प्रति आभार व्यक्त किया है।

 

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