मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में निवेश, उद्यमिता और कौशल विकास का नया अध्याय होगा प्रारंभ

भोपाल 
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में निवेश, उद्योग और युवा कौशल विकास को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की दिशा में एक अभिनव पहल की जा रही है। रतलाम में 27 जून को रीज़नल इंडस्ट्री, स्किल एंड इम्प्लॉइमेंट श्सपि राईज कॉन्क्लेव-2025 का आयोजन होगा। कॉन्क्लेव में औद्योगिक विकास, एमएसएमई के लिए नीति संवाद, प्रमुख निवेशकों से चर्चा और रोजगार सृजन की रणनीतियों पर गहन विमर्श होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के दूरदर्शी नेतृत्व में राइज कॉन्क्लेव मध्यप्रदेश को “रोजगार युक्त, निवेश युक्त” राज्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में मील का पत्थर सबित होगा।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के विजन के अनुरूप यह कॉन्क्लेव युवाओं को स्वरोजगार एवं कौशल विकास के जरिए आत्मनिर्भर बनाने, क्षेत्रीय निवेश आकर्षित करने और स्थानीय उत्पादों को वैश्विक मंच पर स्थापित करने की दिशा में प्रदेश सरकार की प्रतिबद्धता को साकार करेगा। कॉन्क्लेव में निवेश से जुड़े अहम एमओयू होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव चयनित लाभार्थियों से सीधा संवाद भी करेंगे। औद्योगिक नीति कौशल विकास विषय पर कई सत्र आयोजित होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव उद्योगपतियों के साथ वन-टू-वन मीटिंग में 'एमएसएमई प्रदर्शन में तेजी', 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' और ‘थीमैटिक इनवेस्टमेंट पर चर्चा करेंगे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदर्शनी का अवलोकन करेंगे। प्रदर्शनी में राज्य की रोजगार योजनाओं में लाभान्वित हुए हितग्राहियों की प्रेरणादायक कहानियों को प्रदर्शित किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव विभिन्न योजनाओं से जुड़े लाभार्थियों को ऋण सहायता, ऑफर लेटर वितरण करेंगे। कान्क्लेव में ओएनडीसी और एनपीसीआई के साथ एमओयू एक्सचेंज और स्वरोजगार की सफलताओं पर आधारित पुस्तिका का विमोचन भी किया जायेगा। कॉन्क्लेव में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री श्री चेतन्य कुमार काश्यप भी शामिल होंगे।

मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन कॉन्क्लेव को संबोधित करेंगे और उद्योगपति मध्यप्रदेश में निवेश के अवसरों और राज्य में उपलब्ध आधारभूत सुविधाओं पर अपने अनुभव साझा करेंगे। औद्योगिक नीति एवम निवेश प्रोत्साहन विभाग के प्रमुख सचिव श्री राघवेंद्र कुमार सिंह कॉन्क्लेव के उद्देश्यों और निवेश अवसरों की जानकारी देंगे।

कॉन्क्लेव में तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार विभाग और एमएसएमई विभाग के थीमैटिक सत्रों का आयोजन होगा, जिसमें नीति निर्धारकों, उद्योग प्रतिनिधियों, प्रशिक्षण प्रदाताओं और स्टार्टअप्स के बीच संवाद स्थापित होगा। 'युवा संगम', ओडीओपी/जीआई उत्पादों के लिए विशेष पवेलियन, एमएसएमई सेक्टर के नवाचारों की प्रदर्शनी, और स्वरोजगार आधारित स्टॉल्स कॉन्क्लेव की मुख्य विशेषताएं रहेंगी।

 

admin

Related Posts

अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति