पशुपति कुमार पारस ने बिहार की नीतीश सरकार पर जमकर निशाना साधा, कहा- सत्ता परिवर्तन होना चाहिए

पटना
राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी के प्रमुख और पूर्व केंद्रीय मंत्री पशुपति कुमार पारस ने शनिवार को बिहार की नीतीश सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि बिहार में अब सत्ता परिवर्तन जरूरी है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि बिहार में जंगलराज है, सुशासन नहीं है। पटना में एक प्रेस वार्ता में उन्होंने प्रदेश की कानून व्यवस्था को लेकर सरकार को घेरते हुए कहा कि बिहार में महिलाओं पर लगातार अत्याचार हो रहा है, जिसमें दलित महिलाओं की संख्या सबसे अधिक है। बिहार में भ्रष्टाचार चरम पर है। स्थिति यह है कि वीवीआईपी इलाके में फायरिंग की जा रही है। भ्रष्टाचार का आलम है कि अंचल कार्यालय से लेकर सचिवालय तक बिना पैसे के कोई काम नहीं हो रहा है। बिहार के लोग भी इस सरकार से परेशान हैं।

उन्होंने कहा कि बिहार में सत्ता परिवर्तन अब जरूरी है। कानून व्यवस्था खराब होने का एकमात्र कारण है कि 20 साल से बिहार में एक ही व्यक्ति की सरकार है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है, उनका इलाज चल रहा है। जिस मुख्यमंत्री का इलाज चल रहा हो, वह राज्य को कैसे संभालेंगे? बिहार की स्थिति ठीक नहीं है। उन्होंने बताया कि पार्टी ने संगठन को मजबूत करने के लिए लगातार काम किया है। अभी तक 25 जिलों में कार्यकर्ता सम्मेलन हो चुका है। बिहार के लोग भी अब नई सरकार चाहते हैं। बिहार में डबल इंजन की सरकार है, लेकिन बिहार के लिए कोई बड़ा काम नहीं हो रहा है। बिहार कई मामलों में पिछड़ा हुआ है। चुनाव लड़ने को लेकर पूर्व केंद्रीय मंत्री पशुपति कुमार पारस ने कहा कि वे उसी गठबंधन के साथ जाएंगे जिनकी विचारधारा उनकी पार्टी से मिलती-जुलती होगी। उनकी पार्टी सामाजिक न्याय का समर्थन करती है।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि गठबंधन में जो भी सीटें मिलेंगी, उस पर पार्टी लड़ेगी और जीत दर्ज करेगी। अभी किसी गठबंधन में सीट का फैसला नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि जब समय आएगा, तो सब तय कर लिया जाएगा। पारस ने कहा, "लालू प्रसाद के जन्मदिन पर बाबासाहेब अंबेडकर की तस्वीर को लेकर जिस तरह से भाजपा राजनीति कर रही है, वह बेहद ही दुर्भाग्यपूर्ण है। लालू यादव कभी भी अंबेडकर का अपमान नहीं कर सकते। लालू यादव और हमारे पार्टी के संस्थापक दिवंगत नेता रामविलास पासवान ने लंबे समय तक एक साथ काम किया और बाबासाहेब के सपने को जमीन पर उतारने का काम किया। भाजपा पूरी तरह से अंबेडकर विरोधी है। भाजपा और आरएसएस ने हमेशा बाबासाहेब का अपमान किया है। 

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