ईरान और इजराइल के बीच छिड़ी जंग अब इजराइली जमीन पर तबाही बनकर टूट रही, सायरन के 3 मिनट बाद मिसाइलों की बारिश !

ईरान 
ईरान और इजराइल के बीच छिड़ी जंग अब इजराइली जमीन पर तबाही बनकर टूट रही है। बीते 48 घंटे में इजराइल के कई शहरों में मिसाइलों और ड्रोन हमलों के बाद हालात युद्ध जैसे बन गए हैं। सायरन की आवाज सुनते ही लोग शेल्टर की ओर भागते हैं और तीन मिनट के भीतर आसमान में धमाकों की गूंज सुनाई देती है। इजराइल के कई हिस्सों में स्कूल, दफ्तर और बाजार बंद कर दिए गए हैं। गाजा सीमा से सटे इलाकों से लेकर मध्य इजराइल तक, मिसाइल हमले थमने का नाम नहीं ले रहे। लोगों ने कहा  “हर तरफ मिसाइलें गिर रही हैं, सायरन बजते ही हमें बच्चों को लेकर भूमिगत बंकर में भागना पड़ता है। बम फटने की आवाजें इतनी तेज होती हैं कि पूरा घर कांप उठता है।”

सायरन के बाद केवल तीन मिनट का वक्त
इजराइली रक्षा बल (IDF) ने नागरिकों को चेताया है कि मिसाइल या ड्रोन हमले की चेतावनी मिलने के बाद लोगों को अधिकतम तीन मिनट में सुरक्षित स्थान पर पहुंचना होता है। कई शहरों में एयर डिफेंस सिस्टम "आयरन डोम" ने मिसाइलें मार गिराईं, लेकिन कुछ मिसाइलें रिहायशी इलाकों तक भी पहुंच गईं, जिससे कई जगह नुकसान हुआ। तेल अवीव, अशदोद, और बियरशेवा जैसे शहरों में स्थानीय प्रशासन ने सभी शैक्षणिक संस्थानों और गैर-जरूरी दफ्तरों को अनिश्चितकाल तक बंद रखने के आदेश दिए हैं। आम जनजीवन पूरी तरह से प्रभावित हो चुका है। सड़कें सूनी हैं, लोग घरों में कैद हैं और मेट्रो सेवाएं आंशिक रूप से बंद कर दी गई हैं।

450 मिसाइल और 1000 से ज्यादा ड्रोन अटैक
इजराइली सेना के मुताबिक, ईरान की तरफ से अब तक 450 मिसाइलें और 1000 से ज्यादा ड्रोन हमले किए जा चुके हैं। इनमें से अधिकांश को आयरन डोम ने नष्ट कर दिया, लेकिन कुछ मिसाइलों ने टेल अवीव और अश्केलन के रिहायशी इलाकों को निशाना बनाया, जिसमें दर्जनों घायल हुए।

करों में रह रहे लोग, जनजीवन ठप्प
देश के उत्तरी और दक्षिणी हिस्सों में बंकरों को खोल दिया गया है। हजारों लोग अपने परिवार सहित इन्हीं शेल्टरों में रह रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इजराइल की सीमा से सटे लगभग हर बड़े शहर में हर घंटे हमले की चेतावनी दी जा रही है।

सरकार का बयान
इजराइल के रक्षा मंत्री योआव गैलेंट ने कहा  "हम दो मोर्चों पर युद्ध लड़ रहे हैं। एक तरफ ईरान के खिलाफ और दूसरी तरफ गाजा सीमा पर हमास और अन्य आतंकी संगठनों से। हमारी पहली प्राथमिकता नागरिकों की सुरक्षा है।" ईरान-इजराइल टकराव अब आम नागरिकों की जिंदगी पर सीधा असर डाल रहा है। सायरन, धमाके और डर की छाया में जी रहे इजराइली नागरिकों की यही उम्मीद है कि यह संकट जल्द खत्म हो और वे फिर से सामान्य जीवन जी सकें।

 

  • admin

    Related Posts

    हवाई हादसों का दर्दनाक इतिहास: अजित पवार दुर्घटना से पहले इन 11 दिग्गजों की भी ऐसे ही हुई थी मौत

    नई दिल्ली बुधवार की सुबह महाराष्ट्र और देश की राजनीति के लिए गहरे शोक की खबर लेकर आई, जब महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार और चार अन्य लोगों की एक…

    हमें पता है क्या हो रहा है — UGC रेगुलेशन मामले में दखल देगा सुप्रीम कोर्ट

    नई दिल्ली जातिगत भेदभाव से जुड़े UGC के नए नियमों के खिलाफ दाखिल याचिका पर सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट तैयार हो गया है। शीर्ष न्यायालय ने बुधवार को इस…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    धर्म

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति