बीएसएफ के जांबाज हमारी रक्षा में हमेशा तत्पर -वीर जवानों ने ऑपरेशन सिंदूर से पूरे देश को किया गौरवान्वित : मुख्यमंत्री

जयपुर,

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के जांबाज हर तरह की परिस्थितियों में अड़िग रहकर दिन-रात हमारी सीमाओं की रक्षा में तत्पर रहते हैं। उन्होंने कहा कि सीमाओं की सुरक्षा के साथ ही कानून व्यवस्था, अपराध की रोकथाम, सामाजिक समरसता बनाए रखने और आपदा प्रबंधन में बीएसएफ के जांबाज हर मोर्चे पर मुस्तैदी से डटे रहते हैं।

श्री शर्मा शनिवार को भारत-पाकिस्तान सीमा के निकट स्थित मां तनोट राय मंदिर परिसर में सीमा सुरक्षा बल के जवानों के साथ संवाद कर रहे थे। उन्होंने बीएसएफ के जवानों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हमारे वीर जवानों ने ऑपरेशन सिंदूर के माध्यम से दुश्मन के छक्के छुड़ाकर हम सबको गौरवान्वित किया है। बीएसएफ और सेना ने ऑपरेशन सिंदूर में दुनिया के सामने बहादुरी का एक अद्वितीय उदाहरण पेश किया है।

हमारी बीएसएफ दुनियाभर में अग्रणी
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की बीएसएफ ने जल, थल और वायु सुरक्षा इकाइयों का गठन कर दुनिया भर के सभी सीमा सुरक्षा बलों में अग्रणी बनाया है। बीएसएफ आज दुनिया का सबसे बड़ा और प्रतिष्ठित सीमा सुरक्षा बल बनकर उभरा है। उन्होंने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सुरक्षा बलों को बेहतर आवास, स्वास्थ्य सुविधाएँ, शिक्षा और आधुनिक उपकरण की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है।
     श्री शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार ने ऑपरेशन सिन्दूर के दौरान प्रदेश के अंतराष्ट्रीय सीमावर्ती क्षेत्रों में अधिकारियों एवं कर्मचारियों के रिक्त पद भरे तथा लगातार संपर्क बनाए रखा। यहां के नागरिकों से भी देशभक्ति का जज्बा, देशप्रेम और बीएसएफ के कार्यों की सराहना देखने को मिलती है।

तनोट माता मंदिर की बढ़ेगी भव्यता, बनेगा विश्राम गृह
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में रक्षा क्षेत्र में महत्वपूर्ण कार्य किए हैं तथा हमारी सेना को सशक्त बनाया गया है। वर्ष 2014 के बाद देश में गरीब कल्याण की योजनाओं, सीमाओं की बढ़ती सुरक्षा से लेकर आतंकवाद और नक्सलवाद का खात्मा एवं दुनिया भर में देश का बढ़ता हुआ सम्मान के रूप में अभूतपूर्व परिवर्तन आया है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार प्रधानमंत्री की प्रेरणा से विकास और विरासत के विजन को साथ लेकर कार्य कर रही है। इसी दिशा में शौर्य की धरा पर मां तनोट राय का भव्य और सुंदर मंदिर बनेगा और 200 कमरों का विश्राम गृह भी बनेगा।

तनोट यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा किशनगढ़ फोर्ट पहुंचे। इस दौरान श्री शर्मा ने 1100 वर्षों से अधिक प्राचीन किशनगढ़ फोर्ट के स्थापत्य और सामरिक महत्व की जानकारी ली। सीमा सुरक्षा बल के महानिरीक्षक ने इस फोर्ट के इतिहास एवं सामरिक महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

मुख्यमंत्री ने किए मां तनोट राय के दर्शन
इससे पहले मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने मां तनोट राय के दर्शन कर समस्त प्रदेशवासियों के सुख समृद्धि और खुशहाली की प्रार्थना की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने विजय स्तम्भ पर पुष्प चक्र अर्पित कर शहीदों को श्रद्धांजलि दी।
इस अवसर पर विधायक श्री छोटू सिंह सहित विभिन्न जनप्रतिनिधिगण, अधिकारीगण एवं बीएसएफ के जवान उपस्थित रहे।

  • admin

    Related Posts

    अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

    अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

    मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

    रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    धर्म

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति