मीतू अग्रवाल ने रोजगार प्रदाता बनकर रचा सफलता का नया अध्याय

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एमएसएमई विभाग की प्रोत्साहन योजना बनी संबल

मीतू अग्रवाल ने रोजगार प्रदाता बनकर रचा सफलता का नया अध्याय

MSME सेक्टर को गति देने के लिए बनाई गई योजनाओं का असर अब सशक्त नारी के मजबूत कदमों के रूप में दिख रहा 

भोपाल 
प्रदेश में महिला उद्यमिता से महिला सशक्तिकरण के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा औद्योगिक वातावरण तैयार किया गया है, उसका लाभ जमीनी स्तर पर दिखने लगा है। एमएसएमई सेक्टर को गति देने के लिए बनाई गई योजनाओं का असर अब सशक्त नारी और आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश की दिशा में मजबूत कदमों के रूप में दिख रहा है। भिंड की महिला उद्यमी श्रीमती मीतू अग्रवाल की सफलता इसका बेहतरीन उदाहरण है।

पारंपरिक पारिवारिक व्यवसाय को नई सोच और तकनीक के साथ आगे बढ़ाते हुए उन्होंने अपने मेसर्स पुखराज पॉलिमर इंडस्ट्री को स्थानीय से राष्ट्रीय पहचान दिलाई है। प्लास्टिक पाइप और वेदर रेजिस्टेंस वॉटर टैंक के निर्माण से जुड़े इस उद्योग को उन्होंने एमएसएमई प्रोत्साहन योजना के माध्यम से विस्तार दिया। योजना के अंतर्गत उन्हें 500 लाख रुपये के निवेश पर मध्यप्रदेश शासन से 121 लाख रुपये की प्रोत्साहन सहायता राशि प्राप्त हुई।

यह केवल आर्थिक मदद नहीं थी, बल्कि उनके सपनों को नया आधार देने का अवसर बनी। श्रीमती मीतू अग्रवाल बताती हैं कि पहले उत्पादन सीमित था, संसाधनों की कमी के कारण बड़े ऑर्डर लेने में संकोच होता था लेकिन अब नियमित उत्पादन के साथ डिलीवरी क्षमता भी बढ़ी है, जिससे ग्राहकों के बीच कंपनी की विश्वसनीयता और प्रतिष्ठा दोनों में इजाफा हुआ है।

टेक्नोलॉजी से जुड़ा है नवाचार

श्रीमती अग्रवाल की कंपनी में तैयार किए जाने वाले टैंक एंटी-बैक्टीरियल, ऑडलेस, एंटी-अल्गल और वेदर रेजिस्टेंस तकनीक से बने होते हैं, जो हर मौसम में टिकाऊ रहते हैं। 200 से लेकर 5000 लीटर क्षमता वाले इन टैंकों की मांग न केवल मध्यप्रदेश में, बल्कि आसपास के राज्यों में भी बढ़ रही है। साथ ही कंपनी विभिन्न आकार के गार्डन पाइप भी बनाती है, जो घरेलू और कृषि दोनों तरह के उपयोग के लिए उपयुक्त हैं।

नवाचार की दिशा में बढ़ते कदम

उद्यमिता की इस यात्रा में श्रीमती मीतू अग्रवाल सिर्फ एक महिला उद्यमी नहीं, बल्कि प्रेरणा का प्रतीक बनकर उभरी हैं। उन्होंने इस धारणा को तोड़ा है कि व्यवसाय सिर्फ पुरुषों का क्षेत्र है। उनका मानना है कि अगर सही समय पर नीति और प्रोत्साहन मिले, तो महिलाएं भी उत्पादन और रोज़गार सृजन की अगली पंक्ति में आ सकती हैं।

RISE 2025 : भविष्य की राह दिखाने वाला मंच

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में औद्योगिक विकास को लेकर प्रदेश में जो प्रतिबद्धता है, उसका प्रत्यक्ष उदाहरण है 27 जून को रतलाम में होने वाला RISE 2025 कॉन्क्लेव। यह आयोजन न केवल निवेशकों और नीति निर्माताओं को एक मंच पर लाएगा, बल्कि मीतू अग्रवाल जैसी सफलताओं को सामने रखकर युवाओं को प्रेरित करेगा कि वे नौकरी चाहने वाले नहीं, नौकरी देने वाले बनें।

मुख्यमंत्री और सरकार के प्रति आभार

श्रीमती मीतू अग्रवाल ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और राज्य सरकार के प्रति आभार प्रकट करते हुए कहा कि, "मध्यप्रदेश में अब व्यवसाय शुरू करना पहले जितना कठिन नहीं रहा। जिस समर्थन की जरूरत मुझे थी, वो मुझे समय पर मिला। यही कारण है कि आज मैं न सिर्फ आत्मनिर्भर हूं, बल्कि कई परिवारों को रोज़गार भी दे पा रही हूं। सरकार की यह सोच मुझे और मुझ जैसी अनेक महिलाओं को आगे बढ़ने का हौसला देती है।"

 

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