NSA डोभाल ने दोस्त चीन को मुंह पर ही सुनाया- आतंकवाद से निपटने के मुद्दे पर चीन को दोहरे रवैया अपनाने से आगाह किया

बीजिंग
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA)अजीत डोभाल, जो इन दिनों शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की बैठक में हिस्सा लेने के लिए चीन में हैं, ने आतंकवाद से निपटने के मुद्दे पर चीन को "दोहरे रवैया" अपनाने से आगाह किया है। पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद का परोक्ष संदर्भ देते हुए डोभाल ने कहा कि सीमा पार आतंकवाद समेत आतंकवाद का कोई भी कृत्य मानवता के खिलाफ अपराध है। उन्होंने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में "दोहरे रवैये" को त्याग दिया जाना चाहिए। उनका इशारा चीन के दोस्त पाकिस्तान की नापाक आतंकी हरकतों पर चीन की तरफ से उदासीन रवैया अपनाने की तरफ था।

डोभाल ने मंगलवार को SCO के शिखर सम्मेलन से सीमा पार आतंकवाद के अपराधियों, आयोजकों और वित्तपोषकों को जवाबदेह ठहराने का आह्वान किया जिसे व्यापक रूप से पाकिस्तान समर्थित आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई की मांग के रूप में देखा जा रहा है। SCO के शीर्ष सुरक्षा अधिकारियों के एक सम्मेलन को संबोधित करते हुए डोभाल ने कहा कि भारत, लश्कर ए तैयबा, जैश ए मोहम्मद, अलकायदा, आईएसआईएस और इसके सहयोगी जैसे संयुक्त राष्ट्र द्वारा प्रतिबंधित आतंकवादी समूहों से लगातार खतरे को लेकर “बेहद चिंतित” है।

ऑपरेशन सिंदूर की भी चर्चा की
उन्होंने कहा कि पहलगाम आतंकवादी हमले के बाद नई दिल्ली ने आतंकवादी बुनियादी ढांचे को नष्ट करने और आतंकवादियों को भारत में हमले करने से रोकने के लिए ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया। उन्होंने कहा कि पहलगाम में हुए हमले के जवाब में भारत ने आतंकवादी बुनियादी ढांचे को नष्ट करने के लिए ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया था। इस हमले में लश्कर ए तैयबा के एक छद्म संगठन टीआरएफ ने 26 भारतीय और एक नेपाली नागरिक की हत्या कर दी थी और कई अन्य को घायल कर दिया था। डोभाल ने कहा कि भारत की कार्रवाई “नपी-तुली और गैर-उकसावे वाली” थी।

आतंकी तंत्र को नष्ट करने पर जोर
एनएसए ने आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में “दोहरे मापदंड त्यागने” तथा संयुक्त राष्ट्र द्वारा प्रतिबंधित आतंकवादियों और लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद तथा उनके समर्थकों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई करने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। डोभाल ने विशेष रूप से इन समूहों के आतंकवादी बुनियादी ढांचे और उनके आतंकवादी पारिस्थितिकी तंत्र को नष्ट करने का आह्वान किया। एनएसए ने दोहराया कि सीमा पार आतंकवाद सहित कोई भी आतंकी कृत्य मानवता के विरुद्ध अपराध है। डोभाल ने एससीओ सदस्यों से सीमापार आतंकवादी कृत्यों के अपराधियों, आयोजकों, वित्तपोषकों और प्रायोजकों को जवाबदेह ठहराने तथा उन्हें न्याय के दायरे में लाने में मदद करने का आह्वान किया। एनएसए डोभाल ने आतंकवाद, अलगाववाद और उग्रवाद का मुकाबला करने के लिए “संयुक्त सूचना अभियान” की भी वकालत की।

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