विभिन्न स्थानों पर गोमांस फेंकने का धंधा बंद होना चाहिए, नहीं तो लोग सूअर का मांस रख सकते हैं: हिमंता बिस्वा सरमा

असम 
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने मंगलवार को कहा कि विभिन्न स्थानों पर गोमांस फेंकने का धंधा बंद होना चाहिए, नहीं तो अन्य लोग जवाबी कार्रवाई में विभिन्न क्षेत्रों में सूअर का मांस रख सकते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार नहीं चाहती है कि ऐसा कुछ हो और ऐसे मामलों पर कोई झगड़ा नहीं होना चाहिए। राज्य के विभिन्न हिस्सों में बीते दिनों हिंदू धर्म स्थलों और अन्य क्षेत्रों के पास गोमांस और गाय के अंग फेंके गए हैं। इन घटनाओं के बारे में पूछे जाने पर सरमा ने कहा, ‘हमें इन लोगों को गोमांस फेंकने के इस धंधे से रोकना होगा। अन्यथा अन्य लोग विभिन्न स्थानों पर सूअर का मांस रखना शुरू कर देंगे।’

सीएम हिमंता ने कहा, ‘जो लोग ऐसा कर रहे हैं, उन्हें यह समझना चाहिए कि अगर हिंदुओं को एक प्रकार का मांस पसंद नहीं है, तो मुसलमान भी दूसरे प्रकार को पसंद नहीं करते। अगर मंदिरों और नामघरों (वैष्णव पूजा स्थल) के सामने गोमांस फेंका जाता है, तो वे तब क्या करेंगे जब मस्जिदों के सामने सूअर का मांस रखा जाएगा?’ सरमा ने कहा कि इन चीजों पर झगड़े नहीं होने चाहिए। उन्होंने कहा, ‘हम नहीं चाहते कि ऐसा कुछ हो। इन जगहों को शाकाहारी रखा जाना चाहिए, यह लोगों के स्वास्थ्य के लिए भी अच्छा है।’

मवेशियों का अवैध रूप से वध करने का आरोप
हिमंता सरमा ने 8 जून को कहा था कि बकरीद के त्योहार के दौरान असम में कई जगहों पर कथित तौर पर कई मवेशियों का अवैध रूप से वध किया गया और मांस के टुकड़ों को कई स्थानों पर फेंक दिया गया। पुलिस ने राज्य में सांप्रदायिक अशांति पैदा करने की दृष्टि से गायों का अवैध वध करने को लेकर अब तक 60 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें से 50 से अधिक अकेले धुबरी में हैं। एक अन्य घटना में, असम में गौवध और बीफ सेवन पर कड़ी पाबंदियां लगाने के बीच गुवाहाटी के एक रेस्टोरेंट पर बीफ युक्त नूडल्स परोसा गया। इस आरोप में एक प्राथमिकी दर्ज की गई है। यह घटना रविवार को तब हुई जब तीन दोस्त सिटी सेंटर शॉपिंग मॉल की तीसरी मंजिल पर स्थित कोरियन रेस्टोरेंट में नूडल्स खाने पहुंचे। स्टाफ ने उन्हें पैक्ड नूडल्स में से विकल्प चुनने को कहा। लेकिन इन पर लिखी भाषा समझ न आने के कारण उन्होंने स्टाफ से सुझाव मांगा था।

 

admin

Related Posts

हवाई हादसों का दर्दनाक इतिहास: अजित पवार दुर्घटना से पहले इन 11 दिग्गजों की भी ऐसे ही हुई थी मौत

नई दिल्ली बुधवार की सुबह महाराष्ट्र और देश की राजनीति के लिए गहरे शोक की खबर लेकर आई, जब महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार और चार अन्य लोगों की एक…

हमें पता है क्या हो रहा है — UGC रेगुलेशन मामले में दखल देगा सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली जातिगत भेदभाव से जुड़े UGC के नए नियमों के खिलाफ दाखिल याचिका पर सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट तैयार हो गया है। शीर्ष न्यायालय ने बुधवार को इस…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति