मुख्यमंत्री डॉ. यादव इंदौर और भोपाल में संविधान हत्या दिवस कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे

लोकतंत्र पर धब्बा था आपातकाल – मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मुख्यमंत्री डॉ. यादव इंदौर और भोपाल में संविधान हत्या दिवस कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे

 CM ने आपातकाल लोकतंत्र पर धब्बा बताते हुए कहा कि जिन लोगों ने इसे लगाया वे ही पूरी दुनिया में इस कलंक के लिए जिम्मेदार हैं

भोपाल 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 50 वर्ष पूर्व 1975 में देश में आपातकाल लागू किए जाने का घटनाक्रम याद करते हुए इसे लोकतंत्र का काला अध्याय और लोकतंत्र पर धब्बा बताते हुए कहा कि जिन लोगों ने इसे लगाया वे ही पूरी दुनिया में इस कलंक के लिए जिम्मेदार हैं। ये लोग कभी इससे बाहर नहीं आ सकते और इस कलंक से मुक्त नहीं हो सकते।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव 25 जून को इंदौर और 26 जून को भोपाल में लोकतंत्र सेनानियों की उपस्थिति में संविधान हत्या दिवस कार्यक्रमों में भागीदारी करेंगे।मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर अपने संदेश में कहा कि लोकतंत्र सेनानियों ने लोकतंत्र की रक्षा के लिए लड़ाई लड़ी। उस दौर में निरपराध लोगों को जेलों में बंद कर दिया गया है। अनेक लोगों ने आपातकाल की पूरी अवधि में जेल में गुजारी। आपातकाल में लोगों पर बेइंतहा अत्याचार किए गए। कई प्रतिबंध भी लगाए गए। हमारे लोकतंत्र सेनानियों ने अनेक कष्ट सहे, लेकिन लोकतंत्र सेनानी लोकतंत्र की रक्षा के लिए अडिग रहे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लोकतंत्र में आपातकाल के 50 वर्ष बाद यह एक सबक की तरह है। दोबारा कोई भी इस तरह के आपातकाल को लाने की हिमाकत न करें।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लोकतंत्र सेनानियों और प्रदेशवासियों को बधाई दी है, जिनके कारण आज भारत सबसे बड़ा लोकतंत्र है और दुनिया के बड़े गणतंत्र के रूप में स्थापित हुआ है। विभिन्न स्थानों पर काले दिवस के आयोजन की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आपातकाल के भुक्तभोगी सदैव इसे याद रखेंगे साथ ही यह भी कामना है कि ऐसा खराब दिन कभी न आए।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी जीवित लोकतंत्र सेनानियों को उनकी जिम्मेदारपूर्ण भूमिका के लिए बधाई दी है, जिनके कारण हमारा लोकतंत्र आज जिंदा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दिवंगत लोकतंत्र सेनानियों के योगदान का स्मरण किया। उन्होंने कहा कि ऐसे लोकतंत्र सेनानी जिन्होंने निश्चित रूप अपने जीवन में इस ऐतिहासिक लड़ाई को लड़ा है उन्हें सदैव इतिहास में याद किया जाएगा।

 

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