दिल्ली में व्यापारियों के लिए खुशखबरी, रेखा गुप्ता सरकार का बड़ा फैसला

नई दिल्ली
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बुधवार को एक बड़ी घोषणा करते हुए राज्य में व्यापारी कल्याण बोर्ड का गठन करने की घोषणा की। बुधवार एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इस बारे में जानकारी देते हुए सीएम ने कहा कि इस पहल का मकसद शहर को व्यापारियों के अधिक अनुकूल बनाना और व्यापारियों के हितों की रक्षा करना है। उन्होंने कहा कि इस बोर्ड के गठन की मांग लंबे समय से दिल्ली के कारोबारियों द्वारा की जा रही थी और इस बारे में उन्होंने अपने बजट भाषण में भी घोषणा की थी। सरकार ने अपने इस कदम से शहर के करीब आठ लाख पंजीकृत व्यापारियों को फायदा मिलने की उम्मीद जताई है।

मुख्यमंत्री ने कहा, 'बोर्ड का उद्देश्य नियामक ढांचे को सरल बनाना, व्यापारियों के लिए नियामकीय चुनौतियों को कम करने के लिए प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करना, कल्याणकारी योजनाओं को लागू करना और एक ऐसा माहौल विकसित करना है जो रोजगार और निवेश के अवसरों को बढ़ावा देगा।' इस प्रस्ताव को मंगलवार को कैबिनेट की मंजूरी मिल गई थी।

मुख्यमंत्री ने आगे जानकारी देते हुए कहा कि कुल 15 सदस्यीय बोर्ड की अध्यक्षता उद्योग मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा करेंगे। इसमें 15 सदस्यीय समिति होगी। समिति में नौ व्यापार जगत के लोग और छह सरकारी अधिकारी शामिल होंगे। जिसमें MCD, श्रम, कर और उद्योग विभागों के अधिकारी शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि, 'इसके तहत सरकार 10 करोड़ रुपए की अनुदान सहायता भी प्रदान करेगी, जिसे पहले ही बजट में आवंटित कर दिया गया है और इसका उपयोग कल्याणकारी योजनाओं के लिए किया जाएगा।'

बोर्ड के गठन के बारे में बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि,'सरकार का लक्ष्य शहर में व्यापार और उद्योग को पुनर्जीवित करना है। बोर्ड व्यापारियों के हितों को बढ़ावा देने और शहर की आर्थिक वृद्धि में योगदान देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।' उन्होंने कहा कि मुख्य रूप से व्यापारियों और उद्योगपतियों की जरूरतों को पूरा करने के उद्देश्य से, बोर्ड नीति निर्माण, नियामकीय चुनौतियों, व्यापारियों के कल्याण, रोजगार को बढ़ावा देने और निवेश पर ध्यान केंद्रित करेगा।

सीएम ने आगे कहा कि व्यापारी कल्याण बोर्ड व्यापारियों को कानूनी सहायता भी प्रदान करेगा, कार्यक्रम आयोजित करेगा और सरकार और व्यापारियों के बीच संचार की सुविधा के लिए एक आईटी (सूचना प्रौद्योगिकी) पोर्टल भी बनाएगा। उन्होंने कहा कि दिल्ली के करीब आठ लाख व्यापारियों को इस बोर्ड से सीधा लाभ मिलेगा। सरकार व्यापारियों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और यह बोर्ड व्यापारियों की समस्याओं के समाधान में अहम भूमिका निभाएगा।

रेखा गुप्ता ने बताया कि यह व्यापारी कल्याण बोर्ड, सरकार और व्यापारिक समुदाय के बीच ‘पुल’ का काम भी करेगा और उनके सुझावों और चिंताओं को सीधे नीति- निर्माताओं तक पहुंचाएगा। इस नए बोर्ड के तहत, प्रदेश सरकार निवेशकों को आकर्षित करने और आर्थिक वृद्धि को बढ़ावा देने के लिए हर दो साल में दिल्ली में वैश्विक निवेश शिखर सम्मेलन भी आयोजित करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली के व्यापार एवं कर विभाग में करीब आठ लाख व्यापारी पंजीकृत हैं।

 

admin

Related Posts

अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति