इंदौर-उज्जैन स्टेशनों का विस्तार होगा, पेयजल और साफ-सफाई की व्यवस्था की जाएगी, पुनर्विकास कार्य 485 करोड़ रुपए की लागत से किया जाएगा

 इंदौर
 रेलवे बोर्ड के चेयरमैन सतीश कुमार  इंदौर पहुंचे। उन्होंने पश्चिम रेलवे रतलाम मंडल के क्षेत्र की विभिन्न रेल परियोजनाओं की समीक्षा की। निर्माण विभाग के अधिकारियों ने परियोजनाओं की प्रगति के बारे में जानकारी दी। चेयरमैन ने बताया कि उज्जैन में लगने वाले सिंहस्थ-2028 के दौरान यात्रियों को रेलवे की ओर से अच्छी से अच्छी सुविधा दी जाए।

सिंहस्थ में करीब एक करोड़ श्रद्धालु ट्रेन से शामिल हों, यही हमारा लक्ष्य है। सिंहस्थ के दौरान इंदौर, देवास, उज्जैन, रतलाम, नागदा सहित अन्य स्टेशनों से रोजाना 100 ट्रेनें चलाई जाएंगी। इंदौर-उज्जैन स्टेशनों का विस्तार किया जाएगा। स्टेशनों पर पेयजल, सुविधागृह एवं साफ-सफाई की व्यवस्था की जाएगी।

उज्जैन के आसपास छोटे स्टेशनों जैसे नीलोखेड़ी, मोहनपुरा सहित अन्य स्टेशनों का विकास कार्य किया जाएगा, क्योंकि श्रद्धालु छोटे स्टेशनों पर उतरेंगे। यहां से मेला क्षेत्र तक पैदल जाएंगे। इन स्टेशनों पर होल्डिंग एरिया बनाए जाएंगे, यहां यात्री आराम कर सकेंगे। कई गाड़ियां छोटे स्टेशनों से चलाई जाएंगी। चेयरमैन ने बताया कि इंदौर स्टेशन का पुनर्विकास कार्य 485 करोड़ रुपए की लागत से किया जाएगा।

सात मंजिला इमारत बनाई जाएगी

इस पर काम शुरू हो चुका है। डिजाइन पर काम चल रहा है। इंदौर स्टेशन पर काफी विकास की जरूरत है। सात मंजिला इमारत बनाई जाएगी। पार्किंग की अंडरग्राउंड व्यवस्था की जाएगी। यात्रियों के लिए लिफ्ट और एक्सिलेटर की सुविधा दी जाएगी। स्टेशन के दोनों ओर नई बिल्डिंग बनाई जाएगी। पुनर्विकास के दौरान 1 नं. प्लेटफार्म को बंद कर दिया जाएगा।

इस देखते हुए लक्ष्मीबाई नगर और महू से भी ट्रेनें शुरू की जाएंगी, क्योंकि यदि यात्रियों को 10 दिन के लिए भी ट्रेन नहीं मिलेगी तो दिक्कत हो जाएगी। यात्रियों को पुनर्विकास के दौरान ट्रेन मिलने में परेशानी न हो, यही सब व्यवस्था को देखने के लिए आज मेरा आने का उद्देश्य था।

इंदौर-दाहोद लाइन पर 32 किमी पर काम पूरा

उन्होंने बताया कि इंदौर-दाहोद लाइन पर 32 किमी पर काम पूरा हो चुका है। इस साल के अंत तक 100 किमी पर और काम पूरा हो जाएगा। इस प्रोजेक्ट को पूरा होने में तीन साल लगेंगे। इंदौर-मनमाड़ लाइन में समय लगेगा। इंदौर क्षेत्र में चल रही रेल विभिन्न परियोजनाओं के तहत दाहोद-इंदौर नई लाइन, महू-खंडवा गेज कन्वर्जन, इंदौर स्टेशन अपग्रेडेशन की समीक्षा की। नीमच-रतलाम डबलिंग, छोटा उदयपुर नई लाइन व अन्य स्वीकृत प्रोजेक्टों पर भी चर्चा की।

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