कुशाभाऊ ठाकरे ऑडिटोरियम में दो दिवसीय कालिदास प्रसंग का हुआ शुभारंभ

भोपाल 
उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा ने कहा है कि महाकवि कालिदास का मंदसौर एवं उज्जैन से गहरा एवं भावनात्मक संबंध रहा है। महाकवि कालिदास ने महाकाल और अष्ट-मुखी भगवान पशुपतिनाथ का वर्णन किया है। उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा कुशाभाऊ ठाकरे ऑडिटोरियम में दो दिवसीय कालिदास प्रसंग आयोजन में गुरुवार को हुए शुभारंभ अवसर पर संबोधित कर रहे थे। उन्होने कहा कि यह संस्कृति और परंपराओं का आयोजन है। इसमें अधिक से अधिक लोग जुड़ें और भारतीय संस्कृति को जानें।

उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने सरस्वती पूजन के साथ आयोजन का शुभारंभ किया। कालिदास प्रसंग का यह आयोजन लगातार 11 वर्षों से हो रहा है। यह आयोजन कालिदास अकादमी उज्जैन, संस्कृति विभाग एवं जिला प्रशासन के सहयोग से किया जाता है। यह आयोजन 26 जून एवं 27 जून दो दिवस तक चलेगा। कालिदास प्रसंग के साथ-साथ कालिदास पर आधारित साहित्य, महाकाव्य, खंडकाव्य एवं रचनाओं की एक प्रदर्शनी का भी आयोजन किया गया है। आयोजन में विभिन्न प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कार प्रदान किए गए।

सांसद श्री सुधीर गुप्ता ने कहा कि कालिदास का दशपुर से बहुत ही गहरा नाता रहा है। कालिदास ने मेघदूत एवं अभिज्ञान शाकुंतलम में दशपुर का वर्णन किया है। दोनों काव्य इस बात के साक्षी हैं कि कालिदास मंदसौर के थे। उन्होंने आग्रह किया कि अभिज्ञान शाकुंतलम् एवं मेघदूत काव्य की प्रतिमाएं पशुपतिनाथ कॉरिडोर में स्थापित की जाए। दोनों ग्रंथों को कॉरिडोर में दर्शाया जाए।

इस अवसर पर विधायक श्री विपिन जैन, नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती रमादेवी बंशीलाल गुर्जर कलेक्टर श्रीमती अदिती गर्ग, कालिदास अकादमी के निर्देशक श्री गोविंद दत्तात्रेय गंधेय, श्री राजेश दीक्षित, आयोजन समिति, विद्यार्थी और गणमान्य नागरिक भी उपस्थित थे।

 

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