कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने बिहार को ‘छोटा-मोटा’ राज्य बताया, एनडीए भड़का

पटना
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बिहार को ‘छोटा-मोटा राज्य’ बताए जाने वाले बयान के बाद बिहार की सियासत गर्म हो गई है। खड़गे के बयान पर एनडीए नेताओं ने कांग्रेस को निशाने पर लेते हुए इसे बिहार का अपमान बताया है। वैसे इस बयान को लेकर विपक्ष अभी कुछ नहीं बोल रहा है। भाजपा के नेता और बिहार के मंत्री नितिन नबीन ने खड़गे के बयान पर कहा, "जिस छोटी मानसिकता से कांग्रेस पार्टी के नेता काम करते हैं, उनके लिए वही राज्य बड़ा है, जिस राज्य में राहुल गांधी और सोनिया गांधी का परिवार हो। बाकी सब को वे छोटी नजरों से देखने का काम करते हैं। कांग्रेस ने इस देश को केवल सोनिया गांधी, राहुल गांधी और इंदिरा गांधी की आंखों के चश्मे से देखा है, आम जनमानस उनको अपने चश्मे से नहीं दिखता है। इसका ताजा उदाहरण उनकी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष का बयान है। बिहार के लोग इस अपमान का बदला आने वाले चुनाव में कांग्रेस को धूल चटाकर लेंगे।"

राष्ट्रीय लोक मोर्चा के प्रमुख और पूर्व मंत्री उपेंद्र कुशवाहा ने कांग्रेस अध्यक्ष के बयान पर कहा कि कांग्रेस की यह मानसिकता पुरानी है, बिहार जैसे राज्य को वे कुछ समझते ही नहीं हैं। कांग्रेस अध्यक्ष ने एक बार फिर से उसी मानसिकता का प्रदर्शन किया है। बिहार की महानता है कि इस प्रदेश के लोग देश को बनाते हैं और बिहार के बारे में इस तरह की टिप्पणी कांग्रेस के लोग करते हैं। यह बहुत ही ओछी टिप्पणी है। बिहार अब इस तरह की टिप्पणी को बर्दाश्त नहीं करेगा। इस तरह की टिप्पणी का खामियाजा उन्हें आने वाले चुनाव में भुगतना पड़ेगा।

उपेंद्र कुशवाहा ने भ्रष्टाचार मिटाने के राजद नेता तेजस्वी यादव के बयान पर कहा कि उनकी बातों पर बिहार की जनता कभी विश्वास नहीं कर सकती है, खासकर भ्रष्टाचार के मामले में। जो पार्टी सिर से पांव तक भ्रष्टाचार में ही डूबी हो, उस पार्टी का नेता इस तरह की बात करेगा तो कौन भरोसा करेगा?

उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि यह कांग्रेस अध्यक्ष के अज्ञान की पराकाष्ठा है कि वे गांधी के प्रथम सत्याग्रह की भूमि और देश को प्रथम राष्ट्रपति देने वाले बिहार का महत्व नहीं जानते। बिहार कोई छोटा-मोटा राज्य नहीं, बल्कि यह वह भूमि है, जहां से लोकतंत्र की नींव पड़ी, जहां बुद्ध और महावीर ने ज्ञान का प्रकाश फैलाया और जहां से जेपी ने आपातकाल के विरुद्ध स्वतंत्रता की दूसरी लड़ाई लड़ी।

केंद्रीय मंत्री और लोजपा (रामविलास) प्रमुख चिराग पासवान ने भी खड़गे के बयान की निंदा की। उन्होंने कहा कि बिहार छोटा नहीं, बल्कि कांग्रेस की मानसिकता छोटी है। इस प्रकार का बयान न केवल बिहारवासियों की भावनाओं को ठेस पहुंचाता है, बल्कि यह कांग्रेस पार्टी की मानसिकता को भी उजागर करता है। यह केवल बिहार नहीं, बल्कि इसकी गौरवशाली परंपरा, संस्कृति और जनमानस का अपमान है। उनका बयान अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और अशोभनीय है।

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