भीम आर्मी का हंगामा! चंद्रशेखर आजाद को रोकने पर पुलिस पर पथराव, की तोड़फोड़

प्रयागराज
यूपी के प्रयागराज में भीम आर्मी के अध्यक्ष और सांसद चंद्रशेखर को इसौटा गांव में प्रवेश करने से पुलिस ने रोक दिया। इस कार्रवाई से नाराज पार्टी कार्यकर्ता उग्र हो गए और हंगामा शुरू कर दिया। उन्होंने चक्का जाम किया, जोरदार नारेबाजी की और कई गाड़ियों में तोड़फोड़ भी की। पुलिस पर पथराव में कई पुलिसकर्मी घायल हो गए।

प्रयागराज के भड़ेवरा बाजार में रविवार को उस समय तनाव फैल गया जब भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं ने जमकर हंगामा किया। दरअसल, भीम आर्मी प्रमुख और सांसद चंद्रशेखर आजाद को पुलिस ने इसौटा गांव में प्रवेश करने से रोक दिया था। इससे नाराज कार्यकर्ताओं ने चक्काजाम कर जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी। गुस्साए कार्यकर्ताओं ने पुलिस की गाड़ियों को क्षतिग्रस्त कर दिया और पुलिस टीम पर पथराव किया, जिसमें कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। हालात को काबू में करने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।

मालूम हो कि कुछ दिन पहले इसी गांव में एक दलित युवक को जिंदा जलाकर हत्या कर दी गई थी। इस घटना के विरोध में चंद्रशेखर आजाद आज मृतक के परिजनों से मिलने आ रहे थे, लेकिन प्रशासन ने कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए उन्हें गांव में जाने से रोक दिया। इसी के चलते भीम आर्मी कार्यकर्ताओं का गुस्सा भड़क उठा और उन्होंने सड़क पर उतरकर बवाल कर दिया।

एयरपोर्ट पर फोर्स लगाकर कौशांबी जाने से रोका गया
वहीं, इस मामले में चंद्रशेखर आजाद ने वीडियो जारी करते हुए कहा, "मैं जैसे ही प्रयागराज पहुंचा तो पूरे एयरपोर्ट पर फोर्स लगाकर मुझे कौशांबी जाने से रोका गया। आखिर प्रदेश की सरकार वंचित लोगों को न्याय नहीं दिला सकती है तो जो न्याय के लिए लड़ रहे हैं उन्हें क्यों रोक रही है? जो आपके आंसू पोछने के लिए खड़ा होता है तो उसे रोकने का काम कर रहे हैं तो आप न्याय देने का काम नहीं कर सकते हैं।"

नगीना सांसद ने आगे कहा, "मुझे सर्किट हाउस बुलाया गया। वहां मैंने एक मुझे पीड़ित परिवार से मिलूंगा। अगर मुझे जाने से फोर्स रोकती है, लोहदा गांव में 5 हजार बहुजन समाज के लोग हैं। वहां पीएसी तैनात है उन्हें पीछे हटने के लिए कह रहे हैं साथ ही लाठीचार्ज की भी बात कह रहे हैं। बिना परिवार से बात किए मैं यहां से नहीं जाऊंगा। किसी भी तरह का न्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा इसे मेरा आग्रह और चेतावनी दोनों समझिए। इस घटना में कितने बड़े-बड़े लोग शामिल हैं, ये सभी को पता है।"

 

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