विकास कार्यों की नियमित और समयबद्ध मॉनिटरिंग की जाये और उपलब्ध बजट का पूर्णतः पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण उपयोग सुनिश्चित किया जाए: उप मुख्यमंत्री शुक्ल

पीएम-अभीम सहित 15वें वित्त आयोग के कार्यों को समय सीमा में करें पूर्ण: उप मुख्यमंत्री शुक्ल

 विकास कार्यों की नियमित और समयबद्ध मॉनिटरिंग की जाये और उपलब्ध बजट का पूर्णतः पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण उपयोग सुनिश्चित किया जाए: उप मुख्यमंत्री शुक्ल

मेडिकल कॉलेजों, जिला चिकित्सालयों और टीबी मुक्त भारत अभियान की प्रगति की की भी हुई समीक्षा

भोपाल 

उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने निर्देश दिए हैं कि विकास कार्यों की नियमित और समयबद्ध मॉनिटरिंग की जाये और उपलब्ध बजट का पूर्णतः पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण उपयोग सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार विकास कार्यों के लिए बजट की कमी नहीं होने देगी, आवश्यकता इस बात की है कि मूलभूत स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार समयसीमा में हो। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने मंत्रालय भोपाल में विभागीय अधोसंरचना विकास कार्यों की वृहद समीक्षा की। उन्होंने प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन (पीएम-अभीम) एवं 15वें वित्त आयोग अंतर्गत स्वीकृत निर्माण कार्यों की एजेंसी-वार गहन समीक्षा की।

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने सिंगरौली एवं बुधनी मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल के निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यदि किसी भी कार्य में प्रशासनिक अथवा तकनीकी अड़चनें हैं, तो उन्हें शीघ्र निराकृत किया जाए। उन्होंने मैहर एवं मऊगंज जिला चिकित्सालयों की विस्तार योजनाओं की प्रगति की भी जानकारी ली और कहा कि जनहित की इन योजनाओं में समय पर गुणवत्ता के साथ निर्माण कार्य पूर्ण हो।

टीबी मुक्त भारत अभियान में भागीदारी का किया आह्वान

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने टीबी मुक्त भारत अभियान की प्रगति की समीक्षा करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश को टीबी मुक्त बनाने के लिए समाज के सभी वर्गों की सहभागिता अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने विधायकों, सांसदों, जनप्रतिनिधियों, विभागीय अधिकारियों, औद्योगिक समूहों, स्वयंसेवी संगठनों एवं समाजसेवियों से "निक्षय मित्र" के रूप में जुड़ने की अपील की। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि  टीबी से ग्रसित मरीजों के उपचार एवं पोषण में सहयोग देने के लिए ‘निक्षय मित्र’ बनकर समाज का हर व्यक्ति समाज के प्रति संवेदनशीलता और उत्तरदायित्व का निर्वहन कर सकता है। यह केवल एक योजना नहीं, बल्कि पीड़ित मानवता की सेवा का माध्यम है।

हर माह 9 और 25 तारीख को महिलाओं की जांच की विशेष व्यवस्था की जाए

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने हाई रिस्क प्रेग्नेंसी महिलाओं की देखभाल पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हर माह की 9 और 25 तारीख को चिन्हित महिलाओं की जांच की विशेष व्यवस्था की जाए ताकि कोई भी गर्भवती महिला उचित सुविधा से वंचित न रहे। उन्होंने जिला एवं ब्लॉक स्तर पर सघन निगरानी व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए और कहा कि जिला कलेक्टर्स एवं सीएमएचओ को भी इसमें प्रत्यक्ष रूप से भागीदारी करनी चाहिए।

आशा सुपरवाइजर को प्रोत्साहन राशि शीघ्र करायें उपलब्ध

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने बैठक में यह भी स्पष्ट किया कि मंत्रिपरिषद के निर्णयानुसार आशा सुपरवाइजरों को शीघ्र प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाए। उन्होंने कहा कि मूलभूत स्वास्थ्य सेवाओं के अंतिम छोर तक पहुंच में आशा कार्यकर्ताओं की भूमिका महत्वपूर्ण है, ऐसे में उनकी प्रेरणा और प्रोत्साहन अनिवार्य है। संचालक प्रोजेक्ट नीरज सिंह, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की प्रबंध संचालक डॉ. सलोनी सिडाना भी इस मौके पर उपस्थित थे।

 

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