एक्सपर्ट कमेटी के मार्गदर्शन में पीथमपुर में यूनियन कार्बाइड कचरे की राख को करेंगे डिस्पोज

 इंदौर/ भोपाल 
 पीथमपुर के भस्मक संयंत्र में भोपाल गैस त्रासदी का 337 टन कचरा जलकर राख बन चुका है। अब पीथमपुर में ही ट्रीटमेंट, स्टोरेज, डिस्पोज फेसिलिटी (टीएसडीएफ) परिसर के लैंडफिल में दिसंबर तक इस राख का निपटान (डिस्पोज) किया जाएगा।

यह प्रक्रिया कोर्ट द्वारा निर्धारित एक्सपर्ट कमेटी के मार्गदर्शन में होगी। उक्त कमेटी में मप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और राष्ट्रीय पर्यावरण इंजीनियरिंग अनुसंधान संस्थान (नीरी) के प्रतिनिधि शामिल होंगे।

यूनियन कार्बाइड के कचरे को पीथमपुर में भस्मक संयंत्र में नष्ट करने के दौरान उसके चिमनी से निकलने वाले धुएं में हानिकारक तत्वों की जांच की गई। इसमें मर्करी, सल्फर डाइ आक्साइड, कार्बन मोनो आक्साइड जैसी जहरीली गैसों के अलावा डायक्सीन फ्यूरान गैस की भी जांच की गई। डायक्सीन फ्यूरान गैस की निर्धारित से अधिक मात्रा मनुष्य के लिए नुकसानदायक होती है।

बायो मेडिकल वेस्ट प्लांट, भस्मक संयंत्रों में वर्ष में एक बार अपने प्लांट की चिमनी से निकलने वाली गैसों में डायक्सीन फ्यूरान की जांच की जाती है। पीथमपुर के भस्मक संयंत्र का संचालन करने वाली एनर्जी एन्वायरो कंपनी ने यूनियन कार्बाइड का कचरा जलाने के दौरान 55 दिन में 14 बार (प्रत्येक सप्ताह में दो बार) डायक्सीन फ्यूरान गैस का सैंपल किया और इसे जांच के लिए गुरुग्राम की फेयर लैब में अलग-अलग समय के अंतराल पर भेजा गया।

वहीं मप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा भी डायक्सीन फ्यूरान की अलग से जांच की गई और 55 दिन में चार बार सैंपल कोलकाता की इफरैक लैब में जांच के लिए भेजे गए।

गौरतलब है कि भस्मक संयंत्र की चिमनी से स्टैक मानीटरिंग किट के माध्यम से इस गैस के लिए सैंपल लेने की प्रक्रिया में आठ घंटे का समय लगता है। विज्ञानी व विशेषज्ञ खास हेलमेट व दस्ताने पहनकर किट के माध्यम से बोतलों में इसके सैंपल एकत्र करते हैं। देश में दो प्रमुख लैब में ही इसकी जांच की सुविधा है।

admin

Related Posts

अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति