मॉनसून का कहर! MP सहित 12 राज्यों में भारी बारिश, क्या आपके यहां भी बरसेगा पानी?

नई दिल्ली
मानसून पूरे देश में अपने पांव पसार चुका है। यह बारिश कहां आफत तो कहां राहत बनकर हो रही है। उत्तराखंड समेत कुछ राज्यों में भारी बारिश से जहां बाढ़ की स्थिति बन गई है वहीं, एमपी के अधिकतर इलाकों में भी लोग मूसलाधार बारिश के कहर से परेशान है। ऐसे में आइए जानते है कि चार जुलाई को किन राज्यों में बारिश की कैसी स्थिति रहने के अनुमान लगाए गए है…

स्काईमेटवेदर के अनुसार, अगले 24 घंटे के दौरान राजस्थान के पूर्वी क्षेत्र, गुजरात के कुछ हिस्सों, कोंकण और गोवा और कर्नाटक के तटीय इलाकों में भारी बारिश होने के अनुमान है। वहीं, एमपी, छत्तीसगढ़, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पूर्वोत्तर भारत, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और झारखंड में बारिश देखने को मिलेगी। वहीं, कुछ जगहों पर भारी बारिश भी हो सकती है।

वहीं, जिन जगहों पर हल्की से मध्यम की संभावना है उनमें बिहार, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, मध्य महाराष्ट्र, केरल तथा अंडमान और निकोबार द्वीप समूह शामिल है। पंजाब के पश्चिमी क्षेत्र, हरियाणा, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, आंतरिक कर्नाटक और तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश की आशंका जताई गई है।

admin

Related Posts

हवाई हादसों का दर्दनाक इतिहास: अजित पवार दुर्घटना से पहले इन 11 दिग्गजों की भी ऐसे ही हुई थी मौत

नई दिल्ली बुधवार की सुबह महाराष्ट्र और देश की राजनीति के लिए गहरे शोक की खबर लेकर आई, जब महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार और चार अन्य लोगों की एक…

हमें पता है क्या हो रहा है — UGC रेगुलेशन मामले में दखल देगा सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली जातिगत भेदभाव से जुड़े UGC के नए नियमों के खिलाफ दाखिल याचिका पर सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट तैयार हो गया है। शीर्ष न्यायालय ने बुधवार को इस…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति