भोपाल में बीमारी का प्रकोप: डेंगू और फूड पॉयजनिंग के मरीज बढ़े, अस्पताल सतर्क

भोपाल
राजधानी में लगातार हो रही तेज बरसात को देखते हुए सभी सरकारी अस्पतालों को अलर्ट पर रखा गया है। बरसात के मौसम में मलेरिया, डेंगू, टाइफाइड, फूड पॉइजनिंग जैसी बीमारियों के बढ़ने की आशंका को देखते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय ने सभी अस्पतालों को बेहतर इलाज प्रबंधन के निर्देश दिए हैं। अब अस्पतालों में पर्याप्त दवाओं का भंडारण, जांच की सुविधाएं और बिस्तर व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
 
BMO और CMHO स्तर के अधिकारी निगरानी करेंगे
इसके साथ ही साफ-सफाई, पानी का रिसाव न हो, और मरीजों को बीमारी से बचाव के प्रति जागरूक करने जैसे उपायों पर भी जोर दिया गया है। भोपाल जिले में प्राथमिक और संजीवनी क्लीनिक को मिलाकर 85 अस्पताल और स्वास्थ्य केंद्र हैं। इन सभी पर बीएमओ और सीएमएचओ स्तर के अधिकारी नियमित निगरानी करेंगे। अस्पताल भवनों की स्थिति पर भी ध्यान देने को कहा गया है, ताकि पानी भराव या सीलन जैसी समस्याएं मरीजों के इलाज में बाधा न बनें।

मरीजों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश
स्वास्थ्य विभाग ने निर्देश दिए हैं कि जहां मरीजों की संख्या अधिक है, वहां बिस्तरों की संख्या बढ़ाई जाए और जरूरत पड़ने पर तत्काल इलाज की व्यवस्था की जाए। डेंगू, मलेरिया जैसी बीमारियों से पीड़ित मरीजों के लिए अलग से विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। अस्पतालों में नियमित साफ-सफाई हो, यह भी सुनिश्चित किया जाएगा। जेपी अस्पताल में बरसात से जुड़ी बीमारियों में बढ़ोतरी जेपी अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. राकेश श्रीवास्तव ने बताया कि बरसात शुरू होते ही अस्पताल में वायरल बुखार, डेंगू, मलेरिया और पेट से जुड़ी बीमारियों के मरीज बढ़ने लगे हैं। खासतौर पर दस्त, उल्टी, फूड पाइजनिंग और टायफाइड जैसे मामलों में इजाफा हुआ है। हमने ओपीडी और इमरजेंसी में विशेष सावधानी और अतिरिक्त स्टाफ की व्यवस्था की है।

मरीजों को उबला पानी पीने और साफ-सफाई बनाए रखने की सलाह दी जा रही है।

डेंगू, मलेरिया जैसी मच्छरजनित बीमारियों से बचाव

    घर के आसपास पानी जमा न होने दें (कूलर, गमले, छत आदि)
    पूरी बांह के कपड़े पहनें
    सोते समय मच्छरदानी का उपयोग करें
    मच्छर मारने वाले स्प्रे या क्रीम लगाएं
    स्वास्थ्य विभाग द्वारा किए जा रहे फागिंग व दवा छिड़काव में सहयोग करें
    वायरल फीवर और फ्लू से बचाव
    मौसम बदलने पर भीगने से बचें
    भीग जाएं तो तुरंत कपड़े बदलें और शरीर को गर्म रखें
    ज्यादा ठंडी चीजें खाने-पीने से बचें
    बुखार, सर्दी-खांसी होने पर डॉक्टर से तुरंत परामर्श लें
    फूड पॉइजनिंग, टायफाइड व पेट की बीमारियों से बचाव
    सड़क किनारे मिलने वाले कटे फल, चाट, गोलगप्पे आदि न खाएं
    हमेशा साफ और उबला हुआ
    फिल्टर पानी ही पिएं
    खाने से पहले और शौच के बाद हाथ साबुन से धोएं
    बासी, खुले में रखे खाने से परहेज़ करें
    साफ-सफाई और व्यक्तिगत स्वच्छता
    घर व आसपास की नियमित सफाई करें
    बच्चों को खुले पानी या कीचड़ से दूर रखें
    कपड़े और बिस्तर सूखे और स्वच्छ रखें
    बरसात में भीगे कपड़े तुरंत बदलें

बरसात की भारी संभावनाओं को देखते हुए हमने सभी अस्पतालों को अलर्ट किया है। निर्देश दिए गए हैं कि सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त रखी जाएं ताकि रोगियों को समय पर उपचार मिल सके। मरीजों की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है। – डॉ. मनीष शर्मा, सीएमएचओ।

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