बाढ़ और बारिश के चलते मंडला और डिंडोरी में स्कूलों की छुट्टी घोषित

मंडला/डिंडोरी.

 मानसून के सक्रिय होने के कारण महाकौशल के जिलों में बारिश का कहर जारी है। मौसम विभाग ने महाकौशल के जिलों में ऑरेंज अलर्ट घोषित किया है। नर्मदा सहित कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। मंडला और डिंडोरी में बारिश के कारण स्कूलों में 5 जुलाई तक अवकाश घोषित कर दिया गया है। नदी के पुलों में पानी होने के कारण कई जिलों के बीच सड़क संपर्क टूट गया है।

बाढ़ से कई हाईवे में यातायात ठप
डिंडोरी जिले के गोरखपुर कस्बे के पास सिवनी नदी का पुल डूबने से जाने के कारण जबलपुर-अमरकंटक नेशनल हाईवे बंद हो गया है। खरमेर नदी के बढ़े जलस्तर के कारण अमरपुर जनपद का जिला मुख्यालय से संपर्क टूट गया है। सुरक्षा की दृष्टि से पुल पर पुलिसकर्मी तैनात किया गया है। थावर नदी उफान पर है और पानी पुल के उपर पहुंच गया है। जिससे कारण पिंडरई से केवलारी मार्ग पर आवागमन बंद है।

जिला अस्पताल और घर में घुसा पानी
बारिश के कारण शहर की सड़कें तालाब में तब्दील हो गयी है। बारिश का पानी लोगों के घरों में घुस गया। अस्पताल परिसर में घुटने तक पानी भरने से परेशानी हो रही है। नगर पालिका कर्मचारी जेसीबी मशीन का उपयोग कर पानी निकाल रहे हैं।

औसत से दोगुनी बारिश
मौसम विभाग के अनुसार पिछले 24 घंटों में 118.2 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। डिंडौरी में सर्वाधिक 34.2 मिलीमीटर और समनापुर में न्यूनतम 1.4 मिलीमीटर वर्षा हुई। पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष दोगुनी बारिश हुई है। इस साल बारिष का आंकडा 1633 मिलीमीटर पहुंच गया है। पिछले वर्ष आज के दिन तक बारिष का आंकडा आंकड़ा 822 मिलीमीटर था।

बारिश से जनजीवन प्रभावित
जबलपुर-मंडला में बारिश के कहर से लोगों को जनजीवन बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। जिले के कई गांव में पानी भरने के कारण लोग वोट के माध्यम से सुरक्षित स्थानों में पहुंचाया गया। नदियों के पुल में पानी होने कारण कई मार्ग में आवागमन पूरी तरह से बंद हो गया है।

250 ग्रामीण को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया
जिला पंचायत मंडला के सीईओ श्रेयांस कुमट ने बताया कि गांवों में बारिश का भारी भर पर ग्रामीणों की सुरक्षा का ध्यान रखा गया। सुरक्षा की दृष्टि से दस गांव के ढाई सौ से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थान में पहुंच गया है। लोगों के लिए पंचायत भवन में पुनर्वास केन्द्र बनाये गये थे। प्रशासन के दौरान उनके भोजन की व्यवस्था की गई। इसके अलावा तीन स्थानों में वोट के माध्यम से रेस्क्यू कर लोगों को सुरक्षित स्थान में पहुंचाया गया।

कागज की तरह बहे ट्रक
जिले की कई छोटी नदियों और नालों का पानी पुलिया पुल के ऊपर पहुंच गया था। सुरक्षा की दृष्टि से ऐसे स्थानों पर यातायात प्रतिबंधित कर दिया गया था। इसके अलावा बैरिकेट लगाते हुए प्रशासन और पुलिस के कर्मचारियों को तैनात किया गया था। जिले में भारी बारिश के चलते बरेला-पड़रिया रोड पर सलैया गांव के पास हिरन नदी की बाढ़ में गैस सिलेंडर से भरा ट्रक और भूसे से भरा ट्रक बह गए।

सड़क के नीचे से बह गयी जमीन
सीईओ ने बताया कि निवास-मार्ग में बारिश के कारण सड़क के नीचे की जमीन बह गयी थी। जिसके कारण की-रिंग जैसी स्थिति निर्मित हो गयी थी। सुरक्षा की दृष्टि से उक्त मार्ग में यातायात प्रतिबंधित कर दिया गया था। पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकारियों ने जाकर सड़क का निरीक्षण किया गया। सड़क के मरम्मत का कार्य शीघ्र प्रारंभ किया जायेगा।

 

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