दुग्ध उत्पादन में प्रदेश को अव्वल बनाने की दिशा में डेयरी के साथ गोपालन व पशुपालन विभाग की ओर से अनेक नवाचार: जोराराम कुमावत

जयपुर,

पशुपालन, डेयरी, गोपालन और देवस्थान मंत्री श्री जोराराम कुमावत ने कहा कि दुग्ध उत्पादन में राजस्थान देशभर में दूसरे स्थान पर है, इसे अव्वल प्रदेश बनाने की दिशा में डेयरी के साथ-साथ गोपालन व पशुपालन विभाग की ओर से अनेक नवाचार किए जा रहे हैं। खासकर दुग्ध उत्पादन के लिए गिर गाय में ब्राजील से आयातित सीमन से कृत्रिम गर्भाधान किया जा रहा है। इससे गिर गाय के दूध के उत्पादन में दोगुनी से भी ज्यादा वृद्धि होगी। इसके अलावा प्रदेश में गाय की संख्या में बढोतरी के लिए सैक्स सोर्टेड सीमन योजना को लागू किया गया है। ऐसा होने से प्रदेश में गौवंश की संख्या में वृद्धि के साथ-साथ दुग्ध उत्पादन भी बढे़गा। वे राजस्थान कोऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन (आरसीडीएफ) व राष्ट्रीय महिला आयोग के संयुक्त तत्वावधान में पालमपुर (गुजरात) की बनास डेयरी परिसर में तीन दिवसीय महिला प्रशिक्षण शिविर के उद्घाटन के अवसर पर बोल रहे थे।

डेयरी मंत्री श्री कुमावत ने कहा कि प्रदेश के चार जिला दुग्ध संघों-जयपुर, सीकर, भरतपुर व टोंक की 48 महिला दुग्ध समितियों की सचिवों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। तीन दिवसीय इस प्रशिक्षण में महिला सचिवों को दुग्ध समितियों के बेहतर संचालन के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा। इससे न केवल समिति का मुनाफा बढे़गा बल्कि महिलाओं की कार्यकुशलता भी बढे़गी। उन्होंने कहा कि भविष्य में इस तरह के प्रशिक्षण का लाभ महिला दुग्ध समितियों से जुड़ी प्रत्येक महिला को दिलाए जाने का प्रयास किया जाएगा। डेयरी मंत्री ने कहा कि डेयरी क्षेत्र महिलाओं की आत्मनिर्भरता को बढ़ाने का एक सशक्त माध्यम साबित हुआ है। उन्होंने दुग्ध सहकारी समितियों और दुग्ध संघों में महिलाओं की भागीदारी को और बढ़ावा दिए जाने पर बल दिया।

श्री कुमावत ने कहा कि दुग्ध सहकारी समितियों और दुग्ध संघों में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा विकसित होनी चाहिए। इसके लिए दुग्ध सहकारी समितियां प्रत्येक गांव में किसानों से संवाद स्थापित कर अपने कार्यों को बेहतर तरीके से आगे बढ़ाएं। उन्होंने कहा कि डेयरी क्षेत्र को किसानों के लिए अधिक फायदेमंद बनाने के लिए डेयरी संघ बेहतर मॉडल विकसित करें। डेयरी क्षेत्र में अच्छा कार्य करने वालों को प्रोत्साहित किया जाए।

मंत्री श्री कुमावत ने बनास डेयरी द्धारा महिला सशक्तिकरण की दिशा में किए जा रहे कार्यों की प्रशंसा करते हुए कहा कि इसी प्रकार राजस्थान की सरस डेयरी भी इस क्षेत्र में बेहतर कार्य कर रही है।

उद्घाटन सत्र को राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष श्रीमती विजया राहटकर, गुजरात विधानसभा के अध्यक्ष शंकरलाल चौधरी व आरसीडीएफ की एमडी श्रुति भारद्धाज ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में बनास डेयरी के उपाध्यक्ष भावा भाई रबारी, बनास मेडिकल कॉलेज एंड ट्रस्ट के चैयरमेन पीजे चौधरी, बनास डेयरी के प्रबंध निदेशक संग्राम चौधरी व प्रिसिंपल प्राइवेट सेक्रेटरी रामावतार सिंह आदि मौजूद थे।

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