अर्जेंटीना में बसे NRI ने तय किया 400 किमी का सफर, सिर्फ पीएम मोदी से मिलने के लिए

नई दिल्ली 
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ( PM Modi) पांच देशों की अपनी यात्रा के तीसरे चरण में अर्जेंटीना (PM Modi Argentina visit) पहुंचे। ब्यूनस आयर्स में भारतीय समुदाय ने उनका स्वागत किया। अर्जेंटीना में एक भारतीय व्यक्तिविजय कुमार गुप्ता ने कहा कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अभिवादन (Indian man travels to greet PM Modi) करने के लिए 400 किलोमीटर की यात्रा कर के आया है (400 km journey to meet PM Modi) , साथ ही उसने यह भी कहा कि उसे उनसे हाथ मिलाने (PM Modi handshake Argentina) का मौका भी मिला। प्रधानमंत्री मोदी द्विपक्षीय यात्रा के लिए शनिवार को ब्यूनस आयर्स पहुंचे। वे अर्जेंटीना के राष्ट्रपति जेवियर माइली से बातचीत करेंगे। अर्जेंटीना में भारतीय समुदाय के सदस्य गुप्ता ने एएनआई से बात करते हुए अपनी लंबी यात्रा के बारे में दावा किया।
 
मोदी की अर्जेंटीना यात्रा पर भारतीय समुदाय ने गर्मजोशी से स्वागत किया। एयरपोर्ट और होटल परिसर में "Modi-Modi", "जय हिंद" सहित देशभक्ति के नारे गूंजे और पारंपरिक नृत्य-गीतों का प्रदर्शन हुआ ।

400 किमी की यात्रा, ‘हैलो’ और हाथ मिलाने की खुशी
रोज़ारियो के रहने वाले प्रवासी भारतीय विजय कुमार गुप्ता ने ANI को बताया कि वह “हैलो” कहने और हाथ मिलाने की ख्वाहिश से 400 किमी की यात्रा करके यहां आए। उन्हें इस मौके पर पर्सनल इंटरैक्शन का सौभाग्य भी मिला ।

पीएम मोदी का संदेश – संस्कृति से दूरी मायने नहीं रखती
मोदी ने ट्विटर (एक्स) पर लिखा, “Cultural connect में दूरी कोई बाधा नहीं होती!” उन्होंने कहा कि हजारों किलोमीटर दूर भी भारतीयों की संस्कृति से जुड़ाव दिखाई देता है

द्विपक्षीय एजेंडा: समृद्ध व्यापार से रक्षा तक
पीएम मोदी और राष्ट्रपति जेवियर माइलि की बैठक में खनिज, ऊर्जा, कृषि, रक्षा, और व्यापार जैसे क्षेत्रों में भारत-अर्जेंटीना संबंधों को मजबूती देने पर चर्चा होगी

प्रवासी भारतीयों में उत्साह की झलक
“मोदी जी से हाथ मिलाकर गर्व महसूस हुआ,”— विजय कुमार गुप्ता जैसे कई भारतीयों की भावनाएं अभिव्यक्त हुईं ।

PM मोदी का भावनात्मक संदेश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्विटर पोस्ट में लिखा, “Distance is no barrier when it comes to cultural connect!”

कौन-कौन से समझौते होंगे?
खनिज, ऊर्जा, रक्षा और कृषि क्षेत्रों में कितने MoUs या समझौते होंगे, इसकी ब्रीफिंग कब जारी की जाएगी?

प्रवासी भारतीयों को शामिल करने का क्या प्लान?
क्या आने वाले कार्यक्रमों में भारतीय समुदाय के बच्चों, युवाओं या कलाकारों को शामिल किया जाएगा?

लैटिन अमेरिका की ओर भारत की रणनीति
यह दौरा दर्शाता है कि भारत लैटिन अमेरिका की ओर बढ़ते व्यापार और रणनीतिक हितों की दिशा में कदम बढ़ा रहा है।

संस्कृति से जुड़ाव की ताकत
पीएम मोदी का संदेश साफ है—सांस्कृतिक जुड़ाव, चाहे दुनिया के किसी भी कोने में हो, उस दूरी को मिटा देता है।

  • admin

    Related Posts

    हवाई हादसों का दर्दनाक इतिहास: अजित पवार दुर्घटना से पहले इन 11 दिग्गजों की भी ऐसे ही हुई थी मौत

    नई दिल्ली बुधवार की सुबह महाराष्ट्र और देश की राजनीति के लिए गहरे शोक की खबर लेकर आई, जब महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार और चार अन्य लोगों की एक…

    हमें पता है क्या हो रहा है — UGC रेगुलेशन मामले में दखल देगा सुप्रीम कोर्ट

    नई दिल्ली जातिगत भेदभाव से जुड़े UGC के नए नियमों के खिलाफ दाखिल याचिका पर सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट तैयार हो गया है। शीर्ष न्यायालय ने बुधवार को इस…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    धर्म

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति