महानदी का जलस्तर बढ़ा, अमेठी एनीकट पुल पर आवाजाही ठप

बलौदाबाजार-भाटापारा

बलौदा बाजार जिले में पिछले तीन दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण महानदी का जलस्तर बढ़ गया है। जुलाई के पहले सप्ताह में आमतौर पर शांत रहने वाली महानदी इस बार लबालब भर चुकी है। क्षेत्र में नदी का जलस्तर सामान्य से 10 से 15 फीट तक ऊपर पहुंच गया है, जिससे अमेठी एनीकट पुल पूरी तरह जलमग्न हो गया है।

अमेठी एनीकट से होकर कसडोल विकासखंड और महासमुंद जिले की ओर जाने वाले राहगीरों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। पुल के डूब जाने से दोनों तरफ बसे ग्रामीणों की आवाजाही पूरी तरह से ठप हो गई है। जानकारी के अनुसार, जलस्तर में तेजी से हुई वृद्धि के चलते एनीकट पर लगभग 3 से 4 फीट तक पानी बह रहा है।

फिलहाल क्षेत्र में बाढ़ जैसी कोई गंभीर स्थिति नहीं बनी है, लेकिन प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है। संभावित खतरे को देखते हुए संबंधित इलाकों में अलर्ट जारी किया गया है और लोगों से नदी के किनारे जाने से परहेज करने की अपील की गई है।

प्रशासन ने जलस्तर में और वृद्धि की संभावना को देखते हुए आपदा प्रबंधन टीमों को भी अलर्ट मोड में रखा है, ताकि आवश्यकता पड़ने पर त्वरित राहत व बचाव कार्य शुरू किया जा सके।

  • admin

    Related Posts

    अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

    अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

    मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

    रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    धर्म

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति