सावन के पहले सोमवार पर पंचक का असर कैसे करें भगवान शिव की पूजा

5 दिन बाद पंचक लगने वाले हैं. जुलाई के महीने में पंचक सावन माह में लगेंगे. साल 2025 साल माह में सावन के पहले सोमवार पर पंचक का साया होगा. पंचक हर महीने पड़ने वाले वो 5 दिन होते हैं जिनको हिंदू धर्म में शुभ नहीं माना जाता. हिंदू धर्म में हर काम को शुरू करने से शुभ या अशुभ मुहूर्त देखा जाता है. इसीलिए पंचक वो पांच दिन होते हैं जिनमें शुभ और मांगलिक कार्य नहीं किए जाते.

पंचक के दौरान कई कार्यों को करने की मनाही होती है. इस दौरान इन सभी बातों का विशेष रूप से ख्याल रखना जरूरी होता है. इस बार सावन के पहले सोमवार पर पंचक का साया रहेगा. इस बार जुलाई माह में पंचक 13 जुलाई से शुरू होकर 17 जुलाई तक रहेंगे.

साल 2025 में जुलाई माह में पंचक की शुरूआत रविवार के दिन से हो रही है. इसीलिए इसको रोग पंचक कहेंगे. इस दौरान शारीरिक और मानसिक कष्टों का सामना करना पड़ता है. दक्षिण दिशा की ओर यात्रा ना करें. पंचक के दौरान चारपाई बनवाना अशुभ होता है.

जुलाई 2025 में पंचक कब?
    जुलाई माह में पंचक 13 जुलाई 2025, रविवार को शाम 6.53 मिनट पर शुरू होंगे.
    पंचक 17 जुलाई गुरुवार को रात 3.39 मिनट पर समाप्त होंगे.

सावन के सोमवार पर अगर पंचक हो तो कैसे करें पूजा?
सावन के सोमवार पर अगर पंचक का साया हो तो भी भगवान शिव की पूजा की जा सकती है.सावन के सोमवार पर पंचक होने पर भी आप भगवान शिव की पूजा श्रद्धा और भक्ति के साथ कर सकते हैं.

पंचक को अशुभ माना जाता है, लेकिन भगवान शिव ‘काल’ के भी ‘काल’ हैं, इसलिए पंचक में शिव जी की आराधना की जाती है. इस दौरान सामान्य विधि से पूजा कर सकते हैं.

  • admin

    Related Posts

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का विशेष धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व बताया गया है। यह व्रत भगवान विष्णु को समर्पित होता है। मान्यता है कि एकादशी के दिन विधि-विधान से…

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    हिंदू धर्म में प्रदोष व्रत का विशेष महत्व है. जब प्रदोष व्रत शुक्रवार के दिन पड़ता है, तो इसे शुक्र प्रदोष कहा जाता है. यह व्रत न केवल भगवान शिव…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    धर्म

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति