राजधानी में आगामी दो दिनों तक भारी बारिश की संभावना नहीं, रविवार से बढ़ेगा मानसून का असर

भोपाल
राजधानी में आगामी दो दिनों तक भारी बारिश की संभावना नहीं है। मौसम विभाग ने जानकारी दी है कि वर्तमान में भोपाल के आसपास कोई सक्रिय द्रोणिका नहीं है, जिसके चलते शुक्रवार और शनिवार तक मौसम सामान्य रहने की संभावना है। हालांकि कहीं-कहीं हल्की फुल्की बारिश जरूर हो सकती है। मौसम वैज्ञानिक दिव्या ई सुरेंद्रन ने बताया कि फिलहाल राजधानी में किसी बड़े मौसमी सिस्टम की सक्रियता नहीं है, जिससे शुक्रवार और शनिवार को मौसम में कोई विशेष बदलाव नहीं होगा। तापमान में भी ज्यादा उतार-चढ़ाव की संभावना नहीं है। शहरवासियों को इस दौरान राहत रहेगी, लेकिन उमस बनी रह सकती है।
 
17 मिमी बारिश दर्ज
सुरेंद्रन ने आगे बताया कि रविवार और सोमवार से राजधानी में फिर से भारी बारिश की संभावना बन रही है। बंगाल की खाड़ी की ओर से नया सिस्टम बनने की स्थिति में राजधानी में मानसून दोबारा सक्रिय हो सकता है। गुरुवार को सुबह 8:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक एयरपोर्ट रोड पर 17.01 मिमी और अरेरा हिल्स में 17.02 मिमी बारिश दर्ज की गई है।

admin

Related Posts

अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति