एयर इंडिया दुर्घटना पर मंत्री बोले – रिपोर्ट से पहले निष्कर्ष निकालना उचित नहीं

नई दिल्ली
केंद्रीय नागर विमानन मंत्री किंजरापु राम मोहन नायडू ने शनिवार को कहा कि अहमदाबाद से लंदन जा रही एयर इंडिया फ्लाइट 171 की दुर्घटना पर विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) की रिपोर्ट अभी प्राथमिक जांच पर आधारित है। उन्होंने कहा कि जब तक अंतिम रिपोर्ट नहीं आ जाती, तब तक किसी नतीजे पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा, “मुझे नहीं लगता कि हमें किसी नतीजे पर कूदना चाहिए। हमारे पास दुनिया के सबसे बेहतरीन पायलट और क्रू हैं। मुझे उनके प्रयासों की सराहना करनी चाहिए। वे हमारे नागर विमानन क्षेत्र की रीढ़ हैं। हम उनके कल्याण की चिंता करते हैं। इसलिए इस वक्त निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी, हमें अंतिम रिपोर्ट का इंतजार करना चाहिए।”

मंत्री नायडू ने दोहराया, “तकनीकी पहलू जुड़े होते हैं। इसलिए किसी भी टिप्पणी के लिए यह समय बहुत जल्दबाजी भरा है। अभी प्राथमिक रिपोर्ट आई है, अंतिम और ठोस निष्कर्ष का इंतजार करना चाहिए।” यह बयान उस वक्त आया जब AAIB ने शनिवार को इस भीषण दुर्घटना की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट जारी की, जिसमें ईंधन फीडिंग स्विच बंद होने और उसके बाद कॉकपिट में पायलटों के बीच भ्रम की स्थिति को संभावित कारण बताया गया है।

क्या कहती है AAIB की प्रारंभिक रिपोर्ट?
AAIB की रिपोर्ट के अनुसार, 12 जून को टेक-ऑफ के कुछ ही सेकंड बाद विमान के दोनों इंजनों में ईंधन की सप्लाई देने वाले स्विच एक-एक सेकंड के अंतराल पर बंद हो गए। इसके कारण इंजन 1 और इंजन 2 की स्पीड तेजी से घटने लगी। रिपोर्ट में कहा गया, “विमान ने 08:08:42 UTC पर अधिकतम गति 180 नॉट्स IAS हासिल की, और इसके तुरंत बाद, दोनों इंजनों के फ्यूल कटऑफ स्विच RUN से CUTOFF में बदल गए।” कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डिंग के अनुसार, एक पायलट ने दूसरे से पूछा कि उसने ईंधन कट क्यों किया, तो उत्तर मिला कि उसने ऐसा नहीं किया। इससे पायलटों के बीच भ्रम की स्थिति का संकेत मिलता है। रिपोर्ट में यह भी स्पष्ट किया गया है कि विमान में इस्तेमाल हुए ईंधन के नमूने नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) की लैब्स में जांचे गए और उन्हें संतोषजनक पाया गया।

मंत्री ने दी पारदर्शिता की गारंटी
नागर विमानन मंत्री नायडू ने कहा कि पीड़ितों के परिजनों को न्याय दिलाने के लिए मंत्रालय हर संभव सहायता कर रहा है। उन्होंने AAIB की जांच प्रक्रिया की भी सराहना करते हुए कहा, “ब्लैक बॉक्स को सुरक्षित निकालने और उसका डेटा डिकोड करने का कार्य पहली बार पूरी तरह भारत में किया जा रहा है। यह एक पारदर्शी जांच है।” उन्होंने यह भी कहा कि जांच में सभी अंतरराष्ट्रीय मानकों का पालन किया गया है। इससे पहले नागर विमानन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने विमान दुर्घटना पर एएआईबी की रिपोर्ट को लेकर कहा कि प्रारंभिक रिपोर्ट से निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता क्योंकि पायलटों की बातचीत बहुत संक्षिप्त थी।

हादसे में भारी जनहानि
यह भीषण दुर्घटना अहमदाबाद के मेघानीनगर इलाके में हुई जहां विमान BJ मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर्स क्वार्टर्स पर गिरा। विमान में सवार 242 यात्रियों और क्रू में से केवल एक व्यक्ति जीवित बचा। जमीन पर कॉलेज से जुड़े नौ छात्रों और उनके परिजनों समेत कई लोगों की जान गई।

 

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