FBI के भीतर भूचाल! एपस्टीन केस में फंसे काश पटेल, इस्तीफे की अटकलें तेज

नई दिल्ली
अमेरिका में कुख्यात जेफरी एपस्टीन के मामले की जांच लगातार आगे बढ़ रही है। इस बीच कहा जा रहा है कि इस मामले की आंच ट्रंप प्रशासन तक पहुंचनी शुरू हो गई है। हाल में एक खबर आई थी कि एफबीआई के डिप्टी डायरेक्टर डैन बोंगिनो इस्तीफा दे सकते हैं। हालांकि, इसको लेकर अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है।

इन सब के बीच एक एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि एफबीआई निदेशक काश पटेल अपने पद से इस्तीफा देने पर विचार कर सकते हैं। माना जा रहा है कि का पटेल ऐसा कथित तौर पर उप निदेशक डैन बोंगिनो के साथ एकजुटता दिखाते हुए कर सकते हैं। एफबीआई के डिप्टी डायरेक्टर डैन बोंगिनो का अटॉर्नी जनरल पाम बोंडी के साथ मतभेद चल रहा है।

जानिए क्या है पूरा मामला?
न्यूयॉर्क पोस्ट की एक रिपोर्ट के अनुसार, असहमति न्याय विभाग (डीओजे) द्वारा जेफरी एपस्टीन की मौत की जांच और उनकी कथित ग्राहक सूची के बारे में विवादास्पद चर्चा में निहित है। दरअसल, कथित तौर इसी हफ्ते की शुरुआत में बोंगिनो और बॉन्डी के बीच में किसी बात को लेकर मतभेद देखने को मिला। इसके बाद दोनों के बीच का तनाव काफी आगे बढ़ गया। बता दें कि यह टकराव अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन द्वारा एपस्टीन मामले से निपटने के तरीके को लेकर था। ये प्रकरण एक रिव्यू से जुड़ा हुआ है। हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि ये रिव्यू अस्तित्व में ही नहीं है। ठीक इसी विवाद के बाद बोंगिनो के बारे में कहा जाने लगा कि वह अपने पद से इस्तीफा दे सकते हैं।

'अधिकारियों के बीच बिगड़ गए हैं संबंध'
वहीं, एक सूत्र ने द न्यू यॉर्क पोस्ट से बात करते हुए कहा कि मुझे नहीं लगता कि अगर पाम रुकी रहीं तो डैन वापस आएंगे। सूत्र ने आगे बताया कि दोनों अधिकारियों के बीच संबंध इतने खराब हो चुके हैं कि उन्हें सुधारा नहीं जा सकता। हालांकि दोनों ने सार्वजनिक रूप से कहा कि एपस्टीन फ़ाइल में कोई भी विस्फोटक खुलासा नहीं हुआ है, न तो उसकी मौत के बारे में और न ही उसके नेटवर्क के बारे में, लेकिन आंतरिक मतभेद अभी सुलझने से कोसों दूर है।

काश पटेल भी जा सकते दे सकते हैं इस्तीफा: सूत्र
इसके साथ ही न्याय विभाग के एक अधिकारी ने द न्यू यॉर्क पोस्ट से बात करते हुए बताया कि पटेल, जो बोंगिनो के करीबी माने जाते हैं, उनके साथ ही बाहर भी जा सकते हैं। अधिकारी ने कहा कि काश और डैन हमेशा से एक-दूसरे के साथ रहे हैं और यह स्पष्ट नहीं है कि उस स्थिति में क्या होगा, लेकिन, आप जानते हैं, दोनों ने पारदर्शिता के लिए लड़ाई लड़ी है, और ऐसी दुनिया में जहाँ इसे दबाया जा रहा है, उन्हें इसके लिए खड़ा होते देखना कोई चौंकाने वाली बात नहीं होगी।

  • admin

    Related Posts

    हवाई हादसों का दर्दनाक इतिहास: अजित पवार दुर्घटना से पहले इन 11 दिग्गजों की भी ऐसे ही हुई थी मौत

    नई दिल्ली बुधवार की सुबह महाराष्ट्र और देश की राजनीति के लिए गहरे शोक की खबर लेकर आई, जब महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार और चार अन्य लोगों की एक…

    हमें पता है क्या हो रहा है — UGC रेगुलेशन मामले में दखल देगा सुप्रीम कोर्ट

    नई दिल्ली जातिगत भेदभाव से जुड़े UGC के नए नियमों के खिलाफ दाखिल याचिका पर सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट तैयार हो गया है। शीर्ष न्यायालय ने बुधवार को इस…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    धर्म

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति