14 जुलाई 2025 को प्रदेश के आयुष्‍मान आरोग्‍य मंदिरों पर आयुष्‍मान आरोग्‍य शिविरों का आयोजन

भोपाल

जनसमुदाय को उनके निवास के निकट स्‍वास्‍थ्‍य सुविधायें उपलब्‍ध कराये जाने के उदेश्‍य से आयुष्‍मान भारत योजना के अंतर्गत सभी प्राथमिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्द्रों (शहरी एवं ग्रामीण), संजीवनी क्लीनिक्स एवं उपस्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्रों को आयुष्‍मान आरोग्‍य मंदिरों के रूप में विकसित किया गया है जिनके माध्‍यम से हितग्राहियों को समग्र प्राथमिक स्‍वास्‍थ्‍य सेवायें उपलब्‍ध कराई जा रही है। इन आयुष्‍मान अरोग्‍य मंदिरों पर 14 जुलाई को आयुष्‍मान आरोग्‍य शिविरो का आयोजन किया जा रहा है।  इन शिविरो के माध्यम से समुदाय के अंतिम व्‍यक्ति तक स्‍वास्‍थ्‍य सुविधाएं उपलब्‍ध कराये जाने का लक्ष्य है। इन शिविरो में विभिन्न रोगो की जांच, उपचार एवं आश्‍यकता पड़ने पर अन्य संस्थाओ में रेफरल की सुविधाएं उपलब्ध होगी।

इनमें ब्लड प्रेशर की जांच, ब्लड शुगर की जांच, गर्भवती महिलाओ की जांच, षिषुओं, किषोरियों, वृद्धजनों की जांच, जिनमें दस्त रोग, निमोनिया, नेत्र विकार, मुख/दंत विकारो की जांच, मानसिक स्वास्थ्य, नाक कान गले के विकारो की जांच, क्षय रोग की जांच तथा अन्य पैथोलॉजिकल जांचे, उपचार तथा आवष्यकतानुसार रेफरल की सुविधाएं उपलब्ध होगी। इसके साथ ही इन षिविरों में परिवार कल्याण, से संबंधित सुविधाएं भी उपलब्ध होगी।

14 जुलाई को आयुष्मान आरोग्य शिविर के आयोजनो के संबंध में 7 जुलाई को ही राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन द्वारा प्रदेश भर के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों के लिए विस्तृत दिशा निर्देश जारी किये जा चुके है। इनके सफल आयोजन की जिम्मेवारी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों को दी गई है। शिविर की सघन निगरानी हेतु इन दिशा निर्देशों की सूचना कलेक्टर्स एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को भी दी गई है।

उल्लेखनीय है कि प्रदेशभर में वर्ष 2018 से अबतक लगभग साढ़े बारह हजार आयुष्मान आरोग्य मंदिर विकसित किये जा चुके है, जिनमें 9663 उपस्वास्थ्य केन्द्र, 1320 ग्रामीण प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, 796 आयुष आयुष्मान आरोग्य मंदिर तथा 557 शहरी स्वास्थ्य संस्थाये शामिल है। इन संस्थाओं के माध्यम से वर्ष 2024-25 में 2,06,36,313 स्वास्थ्य परीक्षण किये गये। पूर्व में जहां नागरिकों को ब्लड प्रेशर तथा ब्लड शुगर जैसी जांचो के लिए भी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों तथा जिला अस्पताल तक जाना पड़ता था। वही अब यह सुविधाएं नागरिको के 5 से 30 मिनट की दूरी पर उपलब्ध है।

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