किससे मिलना चाहती है जेल में बंद सोनम रघुवंशी? शिलॉन्ग से आई जानकारी

इंदौर 

इंदौर के चर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड की मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी इन दिनों शिलॉन्ग जेल में बंद हैं। मेघालय पुलिस ने उन्हें अपने पति राजा की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया था। इस मामले ने न केवल इंदौर बल्कि पूरे देश में सनसनी मचा दी है। लेकिन अब जेल में सोनम की कुछ गतिविधियां सुर्खियां बटोर रही हैं। खबर है कि सोनम ने जेल में सिर्फ दो लोगों से मिलने की इच्छा जाहिर की है। आखिर कौन हैं ये दो लोग और क्या है इस मुलाकात के पीछे का राज?

सिर्फ पिता और भाई से मिलने की इच्छा

सूत्रों के मुताबिक, सोनम ने जेल में अपने परिवार के सिर्फ दो सदस्यों अपने पिता और भाई गोविंद रघुवंशी से मिलने की इच्छा जताई है। उन्होंने साफ तौर पर जेल प्रशासन से कहा है कि वह किसी और से नहीं, बल्कि इन दोनों से ही मुलाकात करना चाहती हैं। इतना ही नहीं, सोनम को जेल से सप्ताह में एक बार फोन करने की इजाजत मिली है और उन्होंने अब तक तीन बार अपने परिवार से बात की है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि फोन पर उनकी बातचीत का विषय क्या था, लेकिन यह जरूर चर्चा में है कि सोनम ने सबसे दूरी बनाते हुए सिर्फ इन दो लोगों पर भरोसा जताया है।

भाई गोविंद ने दी सफाई

सोनम के भाई गोविंद रघुवंशी ने हाल ही में मीडिया से बातचीत में दावा किया कि उनकी बहन से अभी तक उनकी कोई बात नहीं हुई है। उन्होंने यह भी कहा कि सोनम का जेल से घर पर फोन करने की बात महज अफवाह है। गोविंद ने बताया कि वह और उनके पिता जल्द से जल्द सोनम से मिलना चाहते हैं और इसके लिए उन्होंने शिलॉन्ग पुलिस को आवेदन भी दिया है। हालांकि, पुलिस की ओर से अभी तक कोई जवाब नहीं मिला है। गोविंद का कहना है कि वह अपनी बहन का पक्ष जानना चाहते हैं, लेकिन क्या यह मुलाकात कोई नया खुलासा करेगी?

जेल में सोनम की जिंदगी

शिलॉन्ग जेल में सोनम को अन्य 20 महिला कैदियों के साथ रखा गया है। वह इस जेल की दूसरी ऐसी महिला कैदी हैं, जिन्हें हत्या के मामले में बंद किया गया है। जेल में उनकी गतिविधियां सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में हैं, और उन्हें वार्डन की निगहबानी में रखा गया है। सप्ताह में तीन बार फोन करने की अनुमति के साथ सोनम ने अपने परिवार से संपर्क बनाए रखा है। लेकिन उनकी यह जिद कि वह सिर्फ पिता और भाई से ही मिलेंगी, कई सवाल खड़े कर रही है। क्या वह अपने परिवार के जरिए कोई रणनीति बना रही हैं, या यह सिर्फ भावनात्मक जुड़ाव है?

हत्याकांड में नए मोड़

राजा रघुवंशी हत्याकांड में हाल ही में कई अपडेट्स सामने आए हैं। सोनम के दो मददगारों लोकेंद्र सिंह तोमर और बलबीर अहिरवार को शिलॉन्ग की अदालत ने जमानत दे दी है। लोकेंद्र उस फ्लैट के मालिक हैं, जहां हत्या के बाद सोनम छिपी थी, जबकि बलबीर उसी बिल्डिंग का सिक्योरिटी गार्ड था। दोनों पर सबूतों से छेड़छाड़ और सोनम को छिपाने में मदद करने का आरोप था। लेकिन कोर्ट ने उनकी जमानत मंजूर कर ली, क्योंकि उनके खिलाफ लगाए गए अपराध जमानती थे। क्या इन जमानतों से सोनम के केस पर कोई असर पड़ेगा?

admin

Related Posts

अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति