‘सरकार के खिलाफ अदालत जाना भी समाज की सेवा’ – नितिन गडकरी

नागपुर

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का कहना है कि समाज में कुछ ऐसे लोग भी होने चाहिए, जो सरकार के खिलाफ अर्जी दाखिल कर सकें। उन्होंने नागपुर में दिवंगत प्रकाश देशपांडे स्मृति कुशल संगठक पुरस्कार कार्यक्रम के मौके पर यह बात कही। उन्होंने कहा कि लोक प्रशासन में अनुशासन बनाए रखने के लिए जरूरी है कि किसी भी गलती पर अदालत का रुख किया जाए। अदालत के माध्यम से प्रशासन में अनुशासन बनाए रखा जा सकता है। उन्होंने कहा कि समाज में कुछ लोग ऐसे होने चाहिए, जो सरकार के खिलाफ अदालत में अर्जी दाखिल कर सकें।

उन्होंने कहा कि ऐसा करने से नेता अनुशासन में रहते हैं। नितिन गडकरी ने कहा कि कई बार सरकार में बैठे मंत्री भी वह काम नहीं कर पाते हैं, जो अदालत के आदेश पर हो जाते हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि जनता को लुभाने की राजनीति नेताओं और मंत्रियों के आड़े आती है और वे जनहित में कदम नहीं उठा पाते। इस दौरान उन्होंने ऐसे कई लोगों के उदाहरण भी दिए, जिन्होंने सरकार के खिलाफ ही किसी मामले में अर्जी दाखिल की थी। उन्होंने कहा कि प्रशासन में अनुशासन बनाए रखने के लिए यह जरूरी चीज है।

नितिन गडकरी ने कहा कि कई बार ऐसा हुआ है कि जब लोग अदालत गए तो सरकार को अपने किसी फैसले से पीछे हटना पड़ा।

admin

Related Posts

हवाई हादसों का दर्दनाक इतिहास: अजित पवार दुर्घटना से पहले इन 11 दिग्गजों की भी ऐसे ही हुई थी मौत

नई दिल्ली बुधवार की सुबह महाराष्ट्र और देश की राजनीति के लिए गहरे शोक की खबर लेकर आई, जब महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार और चार अन्य लोगों की एक…

हमें पता है क्या हो रहा है — UGC रेगुलेशन मामले में दखल देगा सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली जातिगत भेदभाव से जुड़े UGC के नए नियमों के खिलाफ दाखिल याचिका पर सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट तैयार हो गया है। शीर्ष न्यायालय ने बुधवार को इस…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति