भोपाल-लखनऊ के बीच अक्टूबर से दौड़ेगी वंदे भारत एक्सप्रेस, यात्रियों को मिलेगी बड़ी राहत

भोपाल 

मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल और उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के बीच वंदे भारत एक्सप्रेस चलाने की तैयारी पूरी हो गई है। भोपाल से लखनऊ के बीच चलने वाली इस हाईस्पीड ट्रेन के कोच अलॉट हो चुके हैं और अगस्त के पहले हफ्ते में भोपाल को ये रैक मिलने वाले हैं।

अगस्त में ट्रायल, अक्टूबर तक शुरू होगा संचालन

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार वंदे भारत एक्सप्रेस के कोच अगस्त में आते ही ट्रायल शुरू कर दिया जाएगा। करीब 15 दिनों तक ट्रेन का ट्रायल रन चलेगा। इसके बाद सितंबर के अंत या अक्टूबर के पहले हफ्ते में भोपाल-लखनऊ के बीच इस ट्रेन का रेगुलर संचालन शुरू कर दिया जाएगा।

भोपाल से पटना तक भी सुविधा

इस वंदे भारत का फायदा भोपाल से पाटलिपुत्र यानी पटना की ओर जाने वाले यात्रियों को भी मिलेगा। अभी भोपाल से पटना के लिए हफ्ते में सिर्फ एक ही ट्रेन है। वंदे भारत शुरू होने से अब इस रूट पर यात्रियों को और विकल्प मिल जाएगा।

पहले सिटिंग, फिर स्लीपर क्लास की सुविधा मिलेगी

अधिकारियों ने बताया कि शुरुआत में सिर्फ चेयर कार यानी बैठने वाले कोच चलाए जाएंगे। लेकिन आगे चलकर स्लीपर क्लास वंदे भारत भी इस रूट पर चलाई जाएगी, जिससे रात के सफर में यात्रियों को ज्यादा आराम मिलेगा।

रानी कमलापति स्टेशन तैयार, पिट लाइन भी बन चुकी है

भोपाल के रानी कमलापति रेलवे स्टेशन पर वंदे भारत के लिए खास तैयारी की गई है। यहां तीसरी पिट लाइन का काम पूरा हो गया है और ट्रेन के मेंटेनेंस के लिए आरओएच शेड भी बनाया जा रहा है। जर्मन कंपनी लिंक हाफमैन बुश की तकनीक से लैस इस शेड में कोचों की मेंटेनेंस आसानी से हो सकेगी।

सिर्फ 7 घंटे में भोपाल से लखनऊ

अभी भोपाल से लखनऊ के बीच करीब 590 किलोमीटर की दूरी तय करने में 9 से 11 घंटे का वक्त लग जाता है। क्योंकि इस रूट पर एक ही ट्रेन हफ्ते में 3 दिन चलती है, तो यात्रियों को भारी वेटिंग और परेशानी झेलनी पड़ती है। वंदे भारत के शुरू होते ही ये सफर सिर्फ 7 से 8 घंटे में पूरा हो सकेगा।

लंबे इंतज़ार के बाद बड़ी राहत

भोपाल-लखनऊ वंदे भारत एक्सप्रेस कई सालों से मांग में थी। अब जब इसकी शुरुआत का रास्ता साफ हो गया है, तो यह हजारों यात्रियों के लिए राहत की खबर है।

रेल सूत्रों के मुताबिक शुरुआत में सिटिंग वंदे भारत एक्सप्रेस चलाई जाएगी, जिसमें चेयरकार और एग्जीक्यूटिव क्लास की सुविधा होगी। इसके बाद नवंबर तक स्लीपर वर्जन की शुरुआत की जा सकती है, जिसका निर्माण चेन्नई में किया जा रहा है।
संभावित मार्ग व संचालन समय

भोपाल-लखनऊ वंदे भारत एक्सप्रेस अक्टूबर के पहले या दूसरे सप्ताह में शुरू की जाएगी। ट्रेन का रैक सितंबर की शुरुआत में भोपाल पहुंचेगा, जिसके बाद 10 से 15 दिन का ट्रायल रन किया जाएगा। ट्रायल के सफल रहने और रेलवे बोर्ड की अनुमति मिलने के बाद इसका नियमित संचालन शुरू कर दिया जाएगा। संभावित मार्ग में भोपाल, विदिशा, बीना, झांसी और कानपुर सेंट्रल जैसे प्रमुख स्टेशन शामिल किए जा सकते हैं।

भोपाल से पाटलिपुत्र और भोपाल- लखनऊ वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन के लिए अगस्त  मिलेंगे कोच 

भोपाल से पाटलिपुत्र और भोपाल- लखनऊ वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन के लिए अगस्त में रैक मिल सकते हैं। रैक आने के बाद 10 से 15 दिन के ट्रायल रन के बाद सितंबर के अंतिम या अक्टूबर के पहले हफ्ते यह ट्रेन शुरू की जा सकती है। 

आगे की प्रक्रिया के लिए रेल मंत्रालय के आदेश का इंतजार है। भोपाल से पटना के लिए आमतौर पर साप्ताहिक छोड़कर अन्य कोई ट्रेन नियमित तौर पर नहीं चलती। इसी तरह भोपाल से लखनऊ के लिए चलने वाली भोपाल-लखनऊ- प्रतापगढ़ सप्ताह में तीन दिन ही है। इन दोनों ही स्थानों के लिए स्लीपर श्रेणी में 50 से 100 के बीच वेटिंग अक्सर रहती है। इसी तरह एसी 3 श्रेणी में भी वेटिंग के हालात बने रहते हैं। इन्हें देखते हुए रेल मंत्रालय ने करीब 3 साल पहले भोपाल से पाटलिपुत्र और लखनऊ के लिए वंदे भारत ट्रेन चलाने की घोषणा की थी।

बताया जाता है कि सिटिंग श्रेणी की ट्रेन बेंगलुरू में बनाई जाती है। जबकि, स्लीपर श्रेणी की गाड़ी के कोच चेन्नई में बना रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि पहले सिटिंग श्रेणी की वंदे भारत का रैक मिलेगा। उसके कुछ दिन के भीतर स्लीपर श्रेणी की वंदे भारत मिल जाएगी।

ट्रेन का रैक अलाट कर दिया गया है

    भोपाल से लखनऊ के लिए वंदे भारत एक्सप्रेस अक्टूबर में शुरू की जा सकती है। ट्रेन का रैक अलाट कर दिया गया है। हालांकि, ट्रेन का शेड्यूल अभी रेलवे बोर्ड द्वारा जारी नहीं किया गया है। – नवल अग्रवाल, पीआरओ, भोपाल रेल मंडल

 

 

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