व्यापार संतुलन में सुधार: जून में घाटा घटकर 18.78 अरब डॉलर

नई दिल्ली 
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय की ओर से मंगलवार को जारी आंकड़ों में बताया गया कि इस साल जून में भारत का व्यापार घाटा कम होकर 18.78 अरब डॉलर रह गया, जबकि मई में यह 21.88 अरब डॉलर था। जून में भारत का निर्यात 35.14 अरब डॉलर पर स्थिर रहा है, जबकि पिछले साल इसी महीने यह 35.16 अरब डॉलर था।
मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, जून में देश का आयात 3.71 प्रतिशत घटकर 53.92 अरब डॉलर रह गया, जबकि एक साल पहले यह 56 अरब डॉलर था। हालांकि, देश के सेवा क्षेत्र ने जून में अच्छा प्रदर्शन किया है। इस दौरान सर्विस ट्रेड सरप्लस 15.62 अरब डॉलर रह गया है। बीते महीने भारत ने 32.84 अरब डॉलर की सेवाओं का निर्यात किया है, जबकि 17.58 अरब डॉलर की सेवाओं का आयात किया है।
जून में व्यापारिक वस्तुओं और सेवाओं का कुल निर्यात 67.98 अरब डॉलर रहा, जबकि वस्तुओं और सेवाओं का कुल आयात 71.50 अरब डॉलर रहा। जून में शुद्ध व्यापार घाटा 3.51 अरब डॉलर था। वाणिज्य सचिव सुनील बर्थवाल ने पिछले महीने मीडिया के साथ बातचीत में कहा था कि वैश्विक संघर्ष और अनिश्चितताएं भारतीय निर्यात को प्रभावित कर रही हैं, हालांकि सरकार शिपिंग और बीमा से संबंधित निर्यातकों की चिंताओं को दूर करने के लिए उनके साथ सक्रिय रूप से काम कर रही है।
ये आंकड़े अमेरिका और अन्य वैश्विक साझेदारों के साथ चल रही व्यापार वार्ताओं के बीच आए हैं।
अमेरिका अपने कृषि और डेयरी उत्पादों के लिए देश में व्यापक बाजार पहुंच चाहता है, जो भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता में एक बड़ा मुद्दा है, क्योंकि इससे भारत में बड़ी संख्या में छोटे किसानों की आजीविका प्रभावित होगी। वहीं, अमेरिका ने अन्य देशों को व्यापार वार्ता के लिए और अधिक समय देते हुए टैरिफ बढ़ोतरी को 1 अगस्त तक के लिए स्थगित कर दिया है।

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